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Most Populous Country: यूएन की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, चीन को पीछे छोड़ सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बना भारत

हाल ही में जारी हुई यूएन की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत ने जनसंख्या के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है. यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड की रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत में अब चीन के मुकाबले 29 लाख लोग ज्यादा हैं.

चीन को पीछे छोड़ सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बना भारत
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 2:54 PM IST
  • पहली बार जनसंख्या के मामले में चीन से आगे निकला भारत
  • जनसंख्या को अलार्म की तरह न देखें: यूएन प्रतिनिधि

कुछ दिनों पहले जब चीन की आबादी में कमी आने की बात हुई तो भारत के सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बनने पर चर्चा शुरू हो गई. अब यूएन की एक रिपोर्ट ने इसकी पुष्टि कर दी है. भारत अब दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया है. चीन को पीछे छोड़कर भारत ने ये मुकाम हासिल किया है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में ये जानकारी दी गई है. यूएन की रिपोर्ट के अनुसार, जो भारत की आबादी 142.86 करोड़ हो गई है. वहीं चीन 142.57 करोड़ की आबादी के साथ दूसरे नंबर पर आ गया है. यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड की रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत में अब चीन के मुकाबले 29 लाख लोग ज्यादा हैं. इस रिपोर्ट के अनुसार भारत की जनसंख्या पिछले एक साल में 1.56 फीसदी बढ़ी है.

पहली बार जनसंख्या के मामले में चीन से आगे निकला भारत
यह पहली बार है कि भारत की जनसंख्या 1950 के बाद से चीन से आगे निकल गई है. 1950 में संयुक्त राष्ट्र ने जनसंख्या डेटा एकत्र करना और जारी करना शुरू किया था. यूएनएफपीए के मीडिया और संकट संचार सलाहकार अन्ना जेफ़रीज ने एक ईमेल में कहा, "यह स्पष्ट नहीं है कि क्रॉसओवर कब हुआ और देशों के व्यक्तिगत डेटा संग्रह के थोड़े अलग समय के कारण डायरेक्ट तुलना करना कठिन हो सकता है. हम बस इतना कह सकते हैं कि चीन की आबादी पिछले साल अपने चरम पर पहुंच गई थी फिर और घटने लगी लेकिन भारत की आबादी लगातार बढ़ रही है." 

भारत-चीन में आबादी का रेशियो
यूएनएफपीए की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की 25% आबादी 0-14 आयु वर्ग में है, 10-19 आयु वर्ग में 18%, 10-24 आयु वर्ग में 26%, 15-64 आयु वर्ग में 68% और 65 से ऊपर 7% है. वहीं चीन में 0-14 आयु वर्ग में 17%, 10-19 आयु वर्ग में 12%, 10-24 आयु वर्ग में 18%,15-64 आयु वर्ग में 69% और 65 से ऊपर 14% है. मतलब चीन में 65 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 200 मिलियन हैं. चीन जीवन प्रत्याशा के मामले में भारत से बेहतर है, जो महिलाओं के मामले में 82 और पुरुषों के मामले में 76 है. वहीं रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के लिए यह आंकड़ा 74 और 71 है.

जनसंख्या को अलार्म की तरह न देखें: यूएन प्रतिनिधि
आंकड़ों की मानें तो भारत की वार्षिक जनसंख्या वृद्धि 2011 के बाद से औसतन 1.2 फीसदी रही है, जबकि पिछले 10 सालों में ये 1.7 फीसदी थी. UNFPA इंडिया के प्रतिनिधि एंड्रिया वोजनार ने एक बयान में कहा जनसंख्या को चिंता का कारण या अलार्म नहीं बनाना चाहिए. इसके बजाय उन्हें प्रगति, विकास और आकांक्षाओं के प्रतीक के रूप में देखा जाना चाहिए.

 

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