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निभाया साथ जीने-मरने का वचन.. अर्थी के पास बैठी पत्नी ने तोड़ा दम, दोनों की शव यात्रा निकली साथ

कलयुग में समस्तीपुर में एक ऐसा मामला आया है, जहां मृत पति के पास बैठे-बैठे पत्नी ने प्राण त्याग दिए.

पति-पत्नी की अर्थियां
जहांगीर आलम
  • समस्तीपुर,
  • 22 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:08 AM IST

हिंदू विवाह का सबसे महत्वपूर्ण महत्व सात फेरों का होता है. इसमें दूल्हा-दुल्हन अग्नि को साक्षी मानकर जीवन भर एक दूसरे का साथ देते हुए, साथ जीने-मरने की कसम खाते हैं. कसम तो बहुत लोग खाते हैं, लेकिन इस कलयुग में मुश्किल ही कोई इसे पूरा कर पाता होगा. लेकिन समस्तीपुर में एक ऐसा मामला आया है, जहां मृत पति के पास बैठे-बैठे पत्नी ने प्राण त्याग दिए.

क्या है मामला?
समस्तीपुर में जहां 95 साल के पति की अर्थी उठने वाली थी कि उससे पहले 90 साल की पत्नी ने भी प्राण त्याग दिए. इस मामले की चर्चा अब सोशल मीडिया पर खूब हो रही हैं. साथ जीने-मरने की कसम खाने वालों के लिए यह वाक्या काफी भावुक करने वाला है.

क्यों त्याग दिए प्राण
समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड के परोरिया पंचायत के वार्ड संख्या 11 में 90 वर्षीय युगेश्वर राय की मौत हो गई थी. इसके बाद परिजनों के बीच शोक की लहर दौड़ गई. परिवार के लोग उनके अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए थे कि इसी बीच मृतक की पत्नी तेतरी देवी ने शव के पास बैठकर विलाप करते करते बेसुध हो गई और देखते-देखते पति की अर्थी उठने से पहले ही उन्होंने प्राण त्याग दिए.

गांव में फैली चर्चा की आग
सुबह होते ही किसान दंपत्ति की एक साथ मौत होने की ख़बर गांव में आग की तरह फैल गई. इस अद्भुत दंपति के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के क्षेत्र से काफी संख्या लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई पुराने जमाने की चर्चा करते हुए कहा कि इसे कहते हैं पति-पत्नी का अटूट संबंध. एक साथ जीने एक साथ मरने के वचन को निभाना. मृतक युगेश्वर राय और तेतरी देवी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. 

बाज-गाने के साथ शव यात्रा
दंपति के तीन पुत्र जीवछ राय, रंजीत राय और राजीव राय के अलावा दो पुत्रियां भी हैं. सभी की शादी कर दी थी और बाल-बच्चों वाले हैं. गांव वालों ने गाजे-बाजे के साथ दंपति का शव यात्रा निकाला. इसके साथ ही अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर को बेगूसराय जिला के तेघड़ा स्थित अयोध्या घाट में गंगा तट पर ले जाया गया. जहां दंपति का रीति-रिवाज के साथ दाह संस्कार कर दिया गया.

 

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