प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर देशभर में अलग-अलग सामाजिक और सेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. इसी कड़ी में गुजरात के सूरत में एक अनूठी पहल देखने को मिली. यहां प्रधानमंत्री के जन्मदिन के मौके पर मदर मिल्क डोनेशन कैंप लगाया गया, जहां अलग-अलग इलाकों से पहुंची माताओं ने जरूरतमंद नवजात बच्चों के लिए अपना स्तन दूध दान किया.
सूरत के सिटी लाइट इलाके स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित यह 33वां मदर मिल्क डोनेशन कैंप था. इसका उद्देश्य उन नवजात बच्चों तक मां का दूध पहुंचाना है, जो समय से पहले जन्म लेने या अन्य चिकित्सकीय कारणों से NICU में भर्ती हैं और जिन्हें अपनी मां का दूध नहीं मिल पाता. कैंप में सूरत के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में माताएं पहुंचीं. आयोजकों के मुताबिक करीब 120 माताओं के इस सेवा अभियान में शामिल होने की उम्मीद है. दान किया गया दूध सिविल अस्पताल के मिल्क बैंक के जरिए जरूरतमंद नवजात बच्चों तक पहुंचाया जाएगा.
'दूध की कुछ बूंदें किसी बच्चे की जान बचा सकती हैं'
कैंप में पहली बार पहुंचीं सोनल बेन पाटिल ने कहा कि उन्हें एक महिला से इस कैंप के बारे में जानकारी मिली थी. उन्होंने बताया कि अगर दोबारा ऐसा मौका मिला तो वह फिर से मदर मिल्क डोनेट करना चाहेंगी. सोनल ने कहा कि उनके थोड़े से डोनेशन से अगर किसी बच्चे की जान बच सकती है, तो इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है. उन्होंने दूसरी महिलाओं से भी ऐसे कैंप में शामिल होने की अपील की.
एक महीने के बच्चे की मां ने भी किया दूध दान
कैंप में पहुंचीं मानसी पटेल ने बताया कि वह पहली बार मां बनी हैं और उनका बच्चा अभी सिर्फ एक महीने का है. उन्होंने कहा कि एक मां के दूध की अहमियत वह अच्छी तरह समझती हैं. मानसी ने बताया कि उनके परिवार की दूसरी महिलाओं ने भी पहले मदर मिल्क डोनेट किया है और उन्हें भी इसके लिए प्रेरित किया था. उन्होंने कहा कि किसी दूसरे बच्चे को अपना दूध देने का मौका मिलना उनके लिए बेहद खुशी की बात है.
जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचेगा मां का दूध
अमृतम फाउंडेशन के कुंज पंसारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 33वां मदर मिल्क डोनेशन कैंप आयोजित किया गया है. उन्होंने कहा कि करीब 120 माताएं 'यशोदा' बनकर अपना मातृत्व दूध दान करेंगी. उन्होंने बताया कि यह दूध सिविल अस्पताल के मिल्क बैंक में जाएगा और वहां से समय से पहले जन्म लेने वाले या उन बच्चों को दिया जाएगा, जिनकी माताएं उन्हें दूध नहीं पिला पा रही हैं. कुंज पंसारी ने सूरत में निजी क्षेत्र में भी मदर मिल्क बैंक शुरू किए जाने की जरूरत बताई. उनका कहना है कि इससे शहर के निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में भर्ती जरूरतमंद नवजातों को भी फायदा मिल सकता है.
डॉक्टर ने कहा- हर बच्चे को मिले मां का दूध
बच्चों के पोषण और मिल्क बैंक के विशेषज्ञ डॉ. केतन भरड़वा ने कहा कि आमतौर पर ऐसे मदर मिल्क डोनेशन कैंप रविवार को आयोजित किए जाते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के कारण इस बार गुरुवार को इसका आयोजन किया गया. उन्होंने कहा कि इस कैंप में उम्मीद से ज्यादा माताएं जुड़ी हैं. उनका मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी भी बच्चे को मां के दूध के विकल्प के तौर पर पाउडर वाला दूध या पशु का दूध देने की जरूरत न पड़े. डॉ. भरड़वा ने कहा कि अगर बच्चों को शुरुआती समय में मां का दूध मिले और उसके बाद दो साल तक सही पोषण दिया जाए, तो कुपोषण को कम करने में बड़ी मदद मिल सकती है.
'कोई बच्चा मां के दूध के बिना न पले'
डॉ. भरड़वा ने कहा कि आज के दिन इस कैंप के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि हर बच्चे को मां का दूध मिलना चाहिए और शुरुआती दो वर्षों में उसे वैज्ञानिक तरीके से सही प्राकृतिक पोषण दिया जाना चाहिए. उन्होंने बच्चों में बढ़ते जंक फूड और पैकेट बंद खाने के चलन पर भी चिंता जताई. उनका कहना है कि बच्चों के शुरुआती पोषण पर ध्यान देकर आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ बनाया जा सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित यह कैंप मातृत्व, सेवा और मानवता का संदेश देता नजर आया. यहां पहुंची माताओं ने अपने दूध की कुछ बूंदें जरूरतमंद नवजातों के लिए दान कर इस पहल में योगदान दिया.
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