उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पहली बार कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक में 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इसमें राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा आयोग के गठन को मंजूरी मिली. इसके साथ ही आगरा मेट्रो के कॉरिडोर-2 के लिए जमीन ट्रांसफर को मंजूरी मिली. चलिए बताते हैं कि किन प्रस्तावों को मंजूरी मिली.
पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी-
उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनाव से पहले बड़ा फैसला किया है. सरकार ने राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है. इस आयोग का मकसद त्रिस्तरीय पंचायत निकायों में ओबीसी को आरक्षण देने के लिए उनके सामाजिक और प्रशासनिक पिछड़ेपन जांच करना है.
आगरा मेट्रो के कॉरिडोर-2 के लिए जमीन ट्रांसफर को मंजूरी-
आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के कॉरिडोर-2 (आगरा कैंट से कालिंदी विहार) के निर्माण को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. मेट्रो स्टेशन और वायाडक्ट सेक्शन के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि के हस्तांतरण (लैंड ट्रांसफर) के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है. इस फैसले से ताजनगरी में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को भारी गति मिलने की उम्मीद है.
आधिकारिक प्रेस-नोट के अनुसार, आगरा के जिलाधिकारी की सिफारिशों के बाद इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया है. मेट्रो कॉरिडोर-2 के निर्माण के लिए तहसील सदर के अंतर्गत मौजा चक अव्वल की नजूल भूमि का चयन किया गया है.
यूपी मेट्रो (UPMRC) के प्रबंध निदेशक द्वारा इस संदर्भ में जमीन को निःशुल्क आवंटित करने का अनुरोध किया गया था. शासन स्तर पर इस पर विचार करते हुए, प्रभावी जिलाधिकारी सर्किल दर पर छूट प्रदान करते हुए कतिपय शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन इसे निःशुल्क आवंटित/हस्तांतरित किया जाना प्रस्तावित किया गया है.
इंटर्नशिप भत्ता 3 गुना हुआ-
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के पशु चिकित्सा (Veterinary) के छात्रों को एक बड़ी सौगात दी है. सरकार ने पशु चिकित्सा के छात्रों को मिलने वाले मासिक इंटर्नशिप भत्ते (Internship Allowance) में भारी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. अब छात्रों को मिलने वाले भत्ते को 3 गुना बढ़ा दिया गया है. उत्तर प्रदेश में पशु चिकित्सा के छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता 3 गुना हुआ. अब हर महीने 12,000 रुपए मिलेंगे.
आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, प्रदेश के पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता जो पहले ₹4,000 प्रति माह था, उसे अब बढ़ाकर ₹12,000 प्रति माह किए जाने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है. सरकार के इस फैसले से छात्रों को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिलेगी.
मथुरा के उ०प्र० पं० दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, अयोध्या के आचार्य नरेन्द्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय और मेरठ के सरदार वल्लभ भाई पटेल, कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय को इसका फायदा मिलेगा.
मिर्जापुर को मिलेगी नई यूनिवर्सिटी-
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने और नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है. इसी क्रम में अब पूर्वांचल के मिर्जापुर जिले को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है. उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत निजी क्षेत्र में 'सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी, मिर्जापुर' की स्थापना के लिए आशय पत्र (Letter of Intent) निर्गत किए जाने की मंजूरी दे दी गई है.
शासकीय प्रेस नोट से मिली जानकारी के अनुसार, इस विश्वविद्यालय की स्थापना जनपद मिर्जापुर के ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत तहसील-चुनार के ग्राम-समसपुर में की जाएगी. इसके लिए 50.45 एकड़ भूमि चिह्नित की जा चुकी है.
उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की धारा-4, 5 और 6 के तहत नए विश्वविद्यालयों के प्रस्तावों का मूल्यांकन और आशय-पत्र जारी करने का प्रावधान है. इसी क्रम में 'उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना) नियमावली, 2021' के नियमों का पालन किया गया.
क्षेत्र के युवाओं को होगा बड़ा फायदा-
मिर्जापुर और इसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में इस स्तर की यूनिवर्सिटी बनने से स्थानीय छात्रों को उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ-साथ इस ग्रामीण इलाके के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी.
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