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UP Freedom Struggle Circuit: यूपी में बन रहा 'स्वतंत्रता संग्राम सर्किट', 1857 की क्रांति से जुड़े स्थलों का होगा कायाकल्प

उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को 'स्वतंत्रता संग्राम सर्किट' के रूप में विकसित किया जा रहा है. वाराणसी, रायबरेली, लखनऊ, बलिया, मेरठ, सहारनपुर, शाहजहांपुर, हरदोई और बुलंदशहर समेत कई जिलों में स्मारकों, पार्कों और ऐतिहासिक स्थलों का पर्यटन विकास कराया जा रहा है.

UP Freedom Struggle Circuit
समर्थ श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़कर नई पहचान देने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है. इसी क्रम में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों को 'स्वतंत्रता संग्राम सर्किट' के रूप में विकसित किया जा रहा है. प्रदेश के अलग-अलग जिलों में उन स्थानों का पर्यटन विकास कराया जा रहा है, जहां स्वतंत्रता आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं और वीर सेनानियों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया.

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, पर्यटन विभाग का उद्देश्य इन स्थलों को केवल स्मारकों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करना है, जहां आने वाले पर्यटक स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को करीब से जान और महसूस कर सकें. इसके लिए बेहतर कनेक्टिविटी, वे-फाइंडिंग, सौंदर्यीकरण, पर्यटक सुविधाओं और इतिहास की जानकारी देने वाले व्याख्या केंद्रों पर जोर दिया जा रहा है.

स्वतंत्रता संग्राम सर्किट में ऐतिहासिक स्थलों को मिल रहा नया स्वरूप
• वाराणसी: पिण्डरा क्षेत्र के करखियांव गांव में स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थल का पर्यटन विकास कराया जा रहा है. परियोजना के लिए 18.26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 8 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं. गांव में शहीद हुए 26 लोगों की स्मृति में यहां एक म्यूरल पार्क भी बनाया जा रहा है, जिसमें उनकी वीरगाथाओं को म्यूरल के माध्यम से उकेरा जाएगा.

• रायबरेली: सदर क्षेत्र में तहसील ऊंचाहार के मुंशीगंज स्थित शहीद स्मारक स्थल का 4.51 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास कराया जा रहा है. परियोजना का करीब 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. यह स्थल क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों की स्मृति को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

• लखनऊ: उमरिया मजरे मुसपिपरी गांव में अमर शहीद राजा दिग्विजय सिंह स्मारक का पर्यटन विकास कराया जा रहा है. परियोजना के लिए करीब 1 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें 55 लाख रुपये जारी हो चुके हैं. स्मारक के विकास से स्थानीय स्तर पर स्वतंत्रता संग्राम की विरासत को नई पहचान मिलेगी.

• औरैया: जनपद मुख्यालय ककोर स्थित तिरंगा पार्क/मैदान का जिला योजना के तहत पर्यटन विकास कराया जा रहा है. इसका उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रध्वज से जुड़ी भावनाओं को नई पीढ़ी से जोड़ते हुए स्थल को आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है.

• बलिया: सिताबदियारा लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जन्मस्थली है. स्वतंत्रता आंदोलन में उनके महत्वपूर्ण योगदान और राष्ट्र निर्माण की भूमिका को देखते हुए उनके गांव में पर्यटन विकास के माध्यम से उनकी विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित किया जा रहा है. इसी क्रम में सेवादास धाम मंदिर का पर्यटन विकास कराया जा रहा है.

• शाहजहांपुर: पुवायां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जसवंतपुर में शहीद करतम सिंह पार्क का 79 लाख रुपये की लागत से निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कराया गया है. पार्क शहीद की स्मृति को संजोने के साथ स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण स्थल के रूप में विकसित किया गया है.

• हरदोई: ग्राम सेमरिया स्थित शहीद स्थल का 41 लाख रुपये की लागत से पर्यटन विकास कराया गया है. विकास कार्यों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी स्थानीय स्मृतियों को संरक्षित करने का प्रयास किया गया है.

• बलिया: स्वतंत्रता संग्राम के नायक मंगल पाण्डेय से जुड़े स्मारक स्थल का 1.55 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण कराया गया है. इससे बलिया की स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत को पर्यटन से जोड़ने में मदद मिलेगी.

• बलिया: बांसडीह में वीर कुंवर सिंह के नाम पर शहीद स्मारक का निर्माण एवं पर्यटन विकास 86 लाख रुपये की लागत से कराया गया है. यह स्थल स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों की स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा.

• मेरठ: वर्ष 1857 की क्रांति से जुड़े प्रमुख स्थलों और शहीद स्मारक के पर्यटन विकास के लिए 4.53 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराया गया है. जिले के सीमावर्ती ग्राम भामौरी में सौंदर्यीकरण के साथ शहीदों की स्मृति में स्थापित स्मारक परिसर में संग्रहालय का निर्माण भी कराया जा रहा है, जिसका कार्य लगभग पूरा हो चुका है. इससे 1857 की क्रांति से जुड़ी मेरठ की ऐतिहासिक विरासत को पर्यटकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकेगा.

• सहारनपुर: चकवाली गांव में ग्रामीणों ने स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्ति की भावना से प्रेरित होकर 'सुभाष चंद्र बोस भारत सरोवर' बनाया है. भारत के मानचित्र के आकार में विकसित इस अनूठे सरोवर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए करीब 2.43 करोड़ रुपये की लागत से इको-टूरिज्म के तहत विकास कार्य कराए जा रहे हैं.

• बुलंदशहर: शहीद नाईक तुला सिंह की स्मृति में स्थापित स्मारक एवं प्रतिमा के आसपास 97.26 लाख रुपये यानी करीब 1 करोड़ रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया है. इसका उद्देश्य शहीद की स्मृति को संरक्षित करने के साथ स्थल को स्थानीय पर्यटन से जोड़ना है.

इतिहास पढ़िए नहीं, स्वतंत्रता संग्राम की गाथा को महसूस कीजिए
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश अपनी गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ रहा है. स्वतंत्रता संग्राम सर्किट के जरिए आजादी के आंदोलन से जुड़े स्थलों को नया स्वरूप दिया जा रहा है, ताकि युवा पीढ़ी स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को करीब से जान सके. उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर आने वाला पर्यटक इतिहास को केवल पढ़े नहीं, बल्कि आजादी के संघर्ष और देशभक्ति की भावना को महसूस भी करे.

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों पर बेहतर कनेक्टिविटी, सूचना बोर्ड, व्याख्या केंद्र, वे-फाइंडिंग और सौंदर्यीकरण जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. आजादी की विरासत को पर्यटन से जोड़ने की यह पहल इन स्थलों को नई पहचान देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी.
 

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