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यूपी में 16 फरवरी तक सभी IAS, PCS, डॉक्टरों की छुट्टियां हुई कैंसिल, लेकिन क्यों? जानिए इसकी वजह

लखनऊ में 10 से 12 फरवरी के बीच ग्लोबल समिट होना है. इसको सफल बनाने के लिए खास तैयारियां की जा रही हैं और खुद सीएम योगी व्यवस्था का इंतजाम देख रहे हैं. इसकी को देखते हुए कई बड़े अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं.

Yogi Adityanath
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 11:58 AM IST

उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 (यूपीजीआईएस-23) में विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश लाकर राज्य में युवाओं के लिए नए दरवाजे खोलने पर जोर दिया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि अब लोगों को विदेशों में रोजगार की तलाश नहीं करनी पड़ेगी. समिट को लेकर शहर में तैयारियां जोरों पर हैं. शिखर सम्मेलन 10-12 फरवरी को लखनऊ में होना है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बड़े पैमाने पर निवेश, जो राज्य के 25 क्षेत्रों में हो रहा है, युवाओं के लिए लाखों नौकरियां पैदा करेगा और शैक्षणिक संस्थानों से अपने छात्रों को इसके लिए तैयार करने का आग्रह किया.

डॉक्टरों की छुट्टियां भी रद्द
कार्यक्रम में कोई कमी ना रह जाए इसके लिए उत्तर प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी दुर्गाशंकर मिश्र ने मंगलवार को तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने उत्तरप्रदेश के आईएएस अधिकारियों की छुट्टियां 15 फरवरी तक के लिए निरस्त कर दी है. इससे पहले पुलिसकर्मियों की छुट्टियां कैंसल की गई थीं. उन्होंने कहा कि जो अधिकारी छुट्टियों पर जा रहे हैं उनकी छुट्टियां निरस्त कर दी जाएं. इसके अलावा डॉक्टरों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं. सभी अधिकारियों की ड्यूटी समिट को सफल बनाने में लगाई गई है. इस वजह से समूह क और ख यानी आईएएस, आईपीएस, पीसीएस  समेत इस लेवल के अधिकारियों की छुट्टी 12 फरवरी तक रद्द कर दी गई है.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी के तहत काम करने वाले डॉक्टरों की छुट्टियां 16 फरवरी तक रद्द कर दी गई हैं, जिसमें कहा गया है कि "विशेष परिस्थितियों में अधिकारियों की अनुमति के बाद ही छुट्टियां मिलेंगी."आयोजन में प्रतिभागियों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए 200 डॉक्टरों की एक टीम को सेवा में लगाया जाएगा. बयान में कहा गया है, "अतिथियों की देखभाल के लिए कई जिलों से डॉक्टरों और कर्मचारियों की एक टीम बुलाई गई थी."

क्या हैं खास तैयारियां?
इसमें प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के साथ देश के उद्योगपतियों समेत कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी. मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि जीआईएस के दौरान अतिथियों के साथ आम नागरिकों के आवागमन में असुविधा नहीं होनी चाहिए. वीवीआईपी रूट के लिए मुख्य मार्ग के साथ वैकल्पिक मार्ग भी रखे गए हैं और उनपर पर्याप्त पुलिस फोर्स भी तैनात की गई है. अतिथि समय पर अपने स्थाप पर पहुंच जाए इसके लिए ठहरने के स्थान से आयोजन स्थल पर पहुंचने में लगने वाले समय और होटल के रूट का रिसेप्शन पर डिस्प्ले किए जाएगा.

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और होटल्स से आयोजन स्थल तक पर्याप्त मात्रा में साइनेज लगाए जाएंगे. इमरजेंसी के लिए एंबुलेंस के वैकल्पिक मार्ग तय किया जाएगा.ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आने वाले निवेश प्रस्तावों को एक साल से दो साल तक जमीन पर उतारने की तैयारी है. यानी बड़े निवेश परियोजनाएं में 2025 से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो जाएगा. डेलायट कंपनी ने यूपी सरकार को सेक्टरवार कई बड़ी सिफारिशें दी हैं. वहीं मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर पर भी खास जोर दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने जी-20 सम्मेलन को लेकर आठ अलग-अलग स्तरों पर सुरक्षा को लेकर पूरा खाका तैयार करने को कहा है. इनमें अग्रिम सुरक्षा संपर्क, हवाई अड्डे के प्रोटोकॉल और सुरक्षा समन्वय, काफिले की पार्किंग और रूट मैपिंग, यातायात व्यवस्था, कर्मचारियों और सुरक्षा व्यक्तिगत सत्यापन, खाद्य सुरक्षा, मीडिया व्यवस्था और चिकित्सा कार्य बल के लिए एक अलग विस्तृत योजना मांगी गई है.

 

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