उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित मदद पहुंचाना बड़ी चुनौती होती है. इसी जरूरत को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस की डायल 112 सेवा लगातार काम कर रही है. राज्य के करीब 24 करोड़ लोगों के लिए यह सेवा आपातकालीन सुरक्षा तंत्र की भूमिका निभा रही है. आधुनिक तकनीक से लैस यह सिस्टम अब कुछ ही सेकंड में शिकायत दर्ज कर पुलिस टीम को मौके के लिए रवाना कर देता है.
डायल 100 से डायल 112 तक का सफर
उत्तर प्रदेश में यह सेवा नवंबर 2016 में डायल 100 के रूप में शुरू की गई थी. बाद में इसे और आधुनिक बनाते हुए डायल 112 में बदल दिया गया. नई तकनीकों के इस्तेमाल से इसका रिस्पॉन्स सिस्टम पहले की तुलना में काफी तेज हो गया है. आज यह सेवा राज्यभर में 24 घंटे लगातार काम कर रही है.
महज 7 मिनट में पहुंचती है पुलिस
डायल 112 की सबसे बड़ी खासियत इसका तेज रिस्पॉन्स टाइम है. आधुनिक तकनीक की मदद से अब पुलिस औसतन सिर्फ 7 मिनट में मौके पर पहुंचने का प्रयास करती है. शिकायत दर्ज होते ही सिस्टम तीन सेकंड के भीतर सबसे नजदीकी पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (PRV) को अलर्ट भेज देता है, जिससे कार्रवाई में देरी नहीं होती.
हाई-टेक कंट्रोल रूम से होती है निगरानी
डायल 112 के मुख्यालय लखनऊ, गाजियाबाद और प्रयागराज में स्थित हैं. ये सेंटर हाई-टेक वॉर रूम की तरह काम करते हैं. यहां से पूरे प्रदेश में लगे सीसीटीवी कैमरों और पुलिस वाहनों की लाइव मॉनिटरिंग की जाती है. इससे किसी भी घटना पर तेजी से नजर रखी जा सकती है और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस बल भेजा जाता है.
हर दिन आती हैं हजारों कॉल
डायल 112 पर प्रतिदिन लगभग 80 हजार से 1 लाख तक कॉल प्राप्त होती हैं. इनमें से करीब 40 से 45 हजार शिकायतें दर्ज की जाती हैं. बड़ी संख्या में आने वाली शिकायतों के बावजूद सिस्टम लगातार सक्रिय रहता है और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाता है.
6,278 पुलिस वाहन रहते हैं हर समय तैनात
राज्यभर में डायल 112 के तहत कुल 6,278 पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (PRV) 24 घंटे तैनात रहते हैं. शिकायत मिलते ही सबसे नजदीकी वाहन को सूचना भेजी जाती है, जिससे पुलिस कम समय में घटनास्थल तक पहुंच सके.
सोशल मीडिया पर भी रहती है नजर
डायल 112 सिर्फ फोन कॉल तक सीमित नहीं है. यह सेवा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी नजर रखती है. किसी भी आपात स्थिति या सहायता की जरूरत होने पर संबंधित जानकारी मिलने पर भी त्वरित कार्रवाई की जाती है.
तकनीक से मजबूत हुई आपातकालीन सेवा
आधुनिक तकनीक, तेज रिस्पॉन्स सिस्टम, लाइव मॉनिटरिंग और बड़े वाहन बेड़े की मदद से डायल 112 उत्तर प्रदेश में आपातकालीन पुलिस सहायता का अहम हिस्सा बन चुकी है. इसका उद्देश्य लोगों तक कम से कम समय में सहायता पहुंचाना और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है.
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