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Social Media Guidelines of UP Police: यूपी पुलिस ने जारी की सोशल मीडिया गाइडलाइन, वर्दी में नहीं बना सकेंगे रील

यूपी पुलिस ने सोशल मीडिया को लेकर गाइनलाइन जारी की है. यूपी पुलिस के अफसरों, कर्मचारियों के लिए सख्त सोशल मीडिया पॉलिसी लागू की गई है. जिसमें ड्यूटी के वक्त सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है.

यूपी पुलिस ने जारी की सोशल मीडिया गाइडलाइन
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 09 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 3:31 PM IST
  • यूपी पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
  • सीनियर अफसर की इजाजत के बिना नहीं कर सकेंगे कमाई

इन दिनों सोशल मीडिया पर रील बनाना काफी आम है. ऐसे में आपने कई बार पुलिस की वर्दी में भी लोगों को रील बनाते देखा होगा. जिसको देखते हुए  उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया पॉलिसी जारी की है, जिसमें किसी भी प्रकार की सोशल मीडिया पर रील बनाना, पब्लिक ऑर्गेनाइजेशन बस में प्रोग्राम का वीडियो शूट कर सोशल मीडिया पर डाल ना, इसके साथ ही वर्दी में किसी भी प्रकार का सोशल मीडिया पर वाद-विवाद या टीका टिप्पणी करना मना है. 

यूपी पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
यूपी पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर दिशा निर्देश दिए है. यूपी पुलिस के अफसरों, कर्मचारियों के लिए सख्त सोशल मीडिया पॉलिसी लागू की गई है. सरकारी ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया के निजी इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है. इसके अलावा ड्यूटी के दौरान निजी तौर पर सोशल मीडिया के इस्तेमाल से समय की बर्बादी की बात भी सामने आ रही है. जिसके चलते ड्यूटी पर और बावर्दी वीडियो, रील्स बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है.

इन चीजों पर भी है प्रतिबंध
इसके अलावा सोशल मीडिया, निजी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लाइव टेलीकास्ट पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. थाना, पुलिस लाइन,ऑफिस, फायरिंग के लाइव टेलीकास्ट और वीडियो सोशल मीडिया में अपलोड करने पर रोक लगाई गई है. किसी पीड़ित का वीडियो सोशल मीडिया पर डालने पर रोक है. ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर कोचिंग, लेक्चर, वेबीनार, और लाइव पर भी रोक लगाई गई है.

सीनियर अफसर की इजाजत के बिना नहीं कर सकेंगे कमाई
गाइडलाइन्स में साफ कहा गया है कि सीनियर अफसर इजाजत के बाद ही ऐसे काम कर सकेंगे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कमाई पर प्रतिबंध है. प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कमाई पर रोक लगाई गई है. खुफिया ऑपरेशन में लगे पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया से दूरी बनानी होगी. 

कोर्ट में चल रहे मामलों में सीनियर अफसरों के अनुमति के बाद प्रेस नोट जारी करना होगा. सरकार, उसकी नीतियों, कार्यक्रमों, राजनीतिक दल, नेताओं, विचारधारा के संबंध में सरकारी या निजी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर टिप्पणी पर प्रतिबंध गया है.

 

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