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समाजवादी पार्टी में वाक़ई है टूट का खतरा या सिर्फ ये बीजेपी का माइंड गेम है? समझिए

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी में टूट को लेकर एसबीएसपी लीडर ओमप्रकाश राजभर के बयान पर सियासत तेज हो गई है. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और मंत्री संजय निषाद भी राजभर के बयान का समर्थन करते नजर आए. हालांकि समाजवादी पार्टी की तरफ से भी इन आरोपों पर पलटवार किया गया.

UP Politics
कुमार अभिषेक
  • लखनऊ,
  • 18 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:01 PM IST

टीएमसी सांसदों ने टूटकर अलग दल में विलय कर लिया तो दूसरी तरफ शिवसेना (UBT) के 6 सांसद टूट की कगार पर हैं. ऐसे में बुधवार सुबह से ही बीजेपी के सहयोगी ओमप्रकाश राजभर ने एक ट्वीट से यह हवा दे दी कि समाजवादी पार्टी के 30 सांसद कभी भी टूट सकते हैं. शाम होते-होते डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने भी सपा संसदीय दल को लेकर ओमप्रकाश राजभर की बात को पुख़्ता कर दिया और ये  कह दिया कि 25-26 सांसद कभी भी टूट सकते हैं. यह तो बीजेपी है, जो नहीं ले रही. लेकिन 2027 चुनाव के बाद जैसा टीएमसी का हाल हुआ है. उससे भी बुरा हाल सपा का होगा.

राजभर के बयान के समर्थन में निषाद और केशव मौर्य-
दरअसल समाजवादी पार्टी में टूट की आशंकाओं ने इसलिए जन्म लिया, क्योंकि विपक्ष की बड़ी-बड़ी पार्टियों टूट कर बिखर रही हैं. समाजवादी पार्टी 2027 चुनाव में बीजेपी की मुख्य प्रतिद्वंद्वी है और 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पटकनी दे चुकी है. ऐसे में 2027 से पहले सपा अगर कमजोर नहीं हुई तो 2027 के चुनाव में यह मुकाबला भाजपा के लिए कांटे का होगा. ऐसे में देश में टूटती पार्टियों के मौसम में बीजेपी और उसकी सहयोगी दलों ने यह माहौल तैयार कर दिया है कि समाजवादी पार्टी अब टूट सकती है. पहले ओमप्रकाश राजभर ने कहा, फिर केशव मौर्य ने और अब संजय निषाद ने भी समाजवादी पार्टी की टूट की भविष्यवाणी कर दी है. संजय निषाद तो एक कदम और आगे निकल गए और उन्होंने कहा कि टूटने वाले सांसद उनके संपर्क में हैं और वह दिल्ली में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से बात करेंगे.

अखिलेश के बयान से अटकलों को हवा-
ऐसा नहीं है कि सिर्फ ओमप्रकाश राजभर के बोलने मात्र से सपा के भीतर टूट की चर्चाओं ने जन्म लिया है. दरअसल सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी कुछ ऐसे बयान दिए, जिसने इन आशंकाओं को और गहरा कर दिया. अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी से लड़ने के लिए मजबूत साथियों की जरूरत है. यही नहीं, उन्होंने कहा की जो कमजोर होंगे, वही अपना दल छोड़कर जाएंगे. हालांकि उनके कहने का संदर्भ टीएमसी और शिवसेना (UBT) में हुई टूट के एक सवाल के जवाब में था.

उधर, समाजवादी पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर को घेरने में लगे हैं. उन्हें अफवाहबाज नेता करार देने में लगे हैं. इधर, भाजपा सपा में टूट की संभावनाओं को अपने बयानों से पुख्ता करती जा रही है.

BJP पर 'माइंड गेम' खेलने का आरोप-
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक बीजेपी अखिलेश यादव के साथ माइंड गेम खेल रही है. ममता और उद्धव की पार्टियों के बिखरने के इस दौर में बीजेपी समाजवादी पार्टी को भी एक कमजोर और असहाय पार्टी के तौर पर पेश कर रही है, ताकि लोगों के दिमाग में यह गहरे बैठ जाए कि जब सपा ही अंदर से कमजोर है तो वह चुनाव क्या लड़ेगी. बीजेपी को लगता है कि अगर एक बार समाजवादी पार्टी के नेताओं का मनोबल टूट गया तो फिर यूपी का चुनाव उनके लिए आसान हो जाएगा.

उधर, समाजवादी पार्टी इसे अयोध्या से ध्यान भटकने का एजेंडा मान रही है. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का कहना है कि बीजेपी अयोध्या में चंदा चोरी मामले में बुरी तरीके से फंस गई है और उसे इससे निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा. ऐसे में बीजेपी ने ही झूठ और फेक नॉरेटिव फैलाने की एक सूची समझी साजिश रची है. 

बीजेपी विपक्षी गठबंधन के हालत को समझ चुकी है. टीएमसी और शिवसेना (UBT) के सांसदों के टूटने का असर निश्चित तौर पर विपक्षी पार्टियों पर पड़ा है, इंडिया गठबंधन के भीतर असंतोष व्याप्त है. ऐसे में अखिलेश यादव के लिए बीजेपी के माइंड गेम का जवाब देना मुश्किल हो रहा है.

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि समाजवादी पार्टी के भीतर तोड़फोड़ मचाना मुश्किल ही नहीं, लगभग असंभव है और वह भी आज के दौर में लेकिन पार्टी में टूट का नेरेटिव बनाकर सपा को कमजोर तो किया ही जा सकता है और बीजेपी फिलहाल सपा के मनोबल को तोड़ने में जुटी है।

ऐसा नहीं है कि अचानक ही ओमप्रकाश राजभर के ट्वीट से यह चर्चा निकली है, बल्कि पिछले कुछ दिनों से सपा के कुछ सांसदों की चर्चा सियासी फिजाओं में तैर रही थी. खासकर पूर्वांचल के एक सांसद, जिन पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप रहे हैं और जो कभी भाजपा में भी शामिल हुए थे. उन्हें लेकर हुई चर्चाओं ने भाजपा को मौका दे दिया.

समाजवादी पार्टी अपने तरीके से बीजेपी के इस नैरेटिव का जवाब देने में जुटी है. लेकिन इस मद्दे पर भाजपा का माइंड गेम सपा पर हावी दिखाई देता है.

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