उत्तर प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को नई पहचान देने और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से आगे बढ़कर राज्य के ऐतिहासिक, प्राकृतिक एवं अल्पज्ञात पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता दिलाने की दिशा में पर्यटन विभाग ने महत्वाकांक्षी पहल की है. इसी क्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने रविवार को 'द राइडिंग चैप्टर्स : विजिट माय स्टेट' के प्रथम संस्करण का शुभारंभ करते हुए 65 बाइक राइडर्स के दल को लखनऊ के 1090 चौराहे से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस पहल का उद्देश्य एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कम चर्चित विरासत स्थलों, प्राकृतिक स्थलों और धरोहरों को नए पर्यटन अनुभव के रूप में देश-दुनिया के यात्रियों के सामने प्रस्तुत करना है.
पर्यटन मंत्री ने बताई पहल की खासियत
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन नए आयाम स्थापित कर रहा है. प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से 65 सदस्यीय बाइक राइडर्स के दल को कालिंजर किले की रोमांचक यात्रा के लिए रवाना किया गया है." उन्होंने विश्वास जताया कि लखनऊ से कालिंजर तक की इस यात्रा को सुरक्षित, सुगम और यादगार बनाने के लिए पर्यटन विभाग के साथ-साथ मार्ग में पड़ने वाले सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और स्थानीय प्रशासन पूरा सहयोग प्रदान करेंगे. मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पर्यटन विकास को जनभागीदारी से जोड़ना है. इस अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत, एडवेंचर टूरिज्म और अल्पज्ञात स्थलों से जोड़कर उन्हें पर्यटन का सक्रिय दूत बनाना है.
कम चर्चित पर्यटन स्थलों को मिलेगी नई पहचान
अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग, अमृत अभिजात ने कहा, "पर्यटन विभाग राज्य के चर्चित स्थलों के साथ-साथ अपेक्षाकृत कम लोकप्रिय स्थलों को भी उभारने पर ध्यान दे रहा है. बांदा जनपद स्थित कालिंजर का किला ऐसा ही एक स्थल है, जिसे पर्यटन परिदृश्य में लाने की आवश्यकता है. उत्साह से भरपूर 65 सदस्यीय बाइक राइडर्स का दल ऐसे स्थलों को प्रमोट करेगा." उन्होंने कहा कि 'द राइडिंग चैप्टर्स' इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो यात्रियों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध विरासत, ग्रामीण परिवेश और छिपी हुई पर्यटन संपदाओं से जोड़ने का कार्य करेगी. उन्होंने यह भी बताया कि बुंदेलखंड के प्राकृतिक परिवेश और मानसून के मौसम को ध्यान में रखकर इस आयोजन की योजना बनाई गई है.
ग्रामीण संस्कृति और सोशल मीडिया प्रमोशन पर रहेगा फोकस
अमृत अभिजात ने आगे कहा कि बाइकर्स यात्रा के दौरान रास्ते में ग्रामीणों से मिलें, वीडियो बनाएं और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने अनुभव दुनिया के साथ साझा करें. इससे उत्तर प्रदेश के उन पर्यटन स्थलों की जानकारी भी प्रदेश और देश के लोगों तक पहुंचेगी, जो अब तक अपेक्षाकृत अनछुए रहे हैं. करीब 330 किलोमीटर लंबी इस पहली पर्यटन बाइक यात्रा का रूट लखनऊ, कानपुर, बिंदकी और बांदा होते हुए ऐतिहासिक कालिंजर किले तक निर्धारित किया गया है. यात्रा का समापन धर्मनगरी चित्रकूट में होगा. इस दौरान प्रतिभागी बांदा के गुलमोहर ईको स्पॉट पर रुकेंगे, जहां उन्हें बुंदेलखंड की ग्रामीण संस्कृति, पारंपरिक खानपान और ग्रामीण पर्यटन की अनूठी झलक देखने का अवसर मिलेगा.
22 अगस्त को होगा दूसरा संस्करण
'द राइडिंग चैप्टर्स : विजिट माय स्टेट' का दूसरा संस्करण 22 और 23 अगस्त को आयोजित होगा. यह बाइक राइड लखनऊ से सुल्तानपुर, जौनपुर, देवदरी जलप्रपात, राजदरी जलप्रपात और चुनार किले तक पहुंचेगी. दोनों पर्यटन मार्गों को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रतिभागी उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक किलों, मनमोहक जलप्रपातों, ग्रामीण संस्कृति और समृद्ध विरासत का अनुभव कर सकें. 'विजिट माय स्टेट' अभियान के माध्यम से पर्यटन विभाग अनछुए और उभरते पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास कर रहा है. इस अवसर पर महानिदेशक पर्यटन डॉ. वेदपति मिश्रा, प्रबंध निदेशक यूपीएसटीडीसी आशीष कुमार, उपनिदेशक कीर्ति तथा पर्यटन विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
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