उत्तर प्रदेश सरकार वृद्ध, दिव्यांग और निराश्रित राशन कार्डधारकों को घर तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था शुरू करने जा रही है. साथ ही राशन पहुंचने पर SMS अलर्ट, GPS ट्रैकिंग और राशन दुकानों पर बेहतर सुविधाओं जैसी नई व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं. खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ऐसे दिव्यांग, वृद्ध और निराश्रित राशन कार्डधारक, जिनकी देखभाल के लिए परिवार में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है, उन्हें अब घर पर ही राशन उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए संबंधित कार्डधारक द्वारा नामित व्यक्ति के माध्यम से राशन उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है.
45 लाख नए लोग जुड़े खाद्यान्न वितरण योजना से
मंत्री ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान प्रदेश में खाद्यान्न वितरण योजना से करीब 45 लाख नए लोगों को जोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि वह स्वयं 16 जिलों का दौरा कर राशन वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं, ताकि पात्र लोगों तक बिना किसी परेशानी के खाद्यान्न पहुंच सके.
सरकार ने राशन वितरण को और पारदर्शी बनाने के लिए नई सुविधा शुरू की है. अब जैसे ही राशन उचित दर की दुकान पर पहुंचेगा, संबंधित लाभार्थियों के मोबाइल नंबर पर तुरंत एसएमएस भेजा जाएगा. इससे लोगों को यह जानकारी मिल जाएगी कि उनका राशन दुकान पर पहुंच चुका है और वे समय पर जाकर उसे प्राप्त कर सकते हैं.
GPS से होगी खाद्यान्न वाहनों की निगरानी
डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने बताया कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) के डिपो से उचित दर की दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने वाले वाहनों की जीपीएस के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है. इससे राशन की हेराफेरी और डायवर्जन जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है. इसके अलावा धान, गेहूं और मोटे अनाज की खरीद के दौरान भी क्रय केंद्र से डिलीवरी प्वाइंट तक वाहनों की GPS आधारित ट्रैकिंग की जा रही है.
राशन की दुकानों पर बढ़ाई गई सुविधाएं
सरकार ने राशन लेने आने वाले लाभार्थियों की सुविधा का भी ध्यान रखा है. अब उचित दर की दुकानों पर लोगों के बैठने के लिए कुर्सियों और बेंच की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें लाइन में लंबे समय तक खड़े रहने में परेशानी न हो और सम्मानजनक तरीके से राशन प्राप्त हो सके.
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