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Uttarkashi Tunnel Updates: कौन हैं Arnold Dix, उत्तरकाशी टनल में फंसे लोगों को निकालने में कर रहे हैं मदद

ऑस्ट्रेलिया से आए अंडरग्राउंड एक्सपर्ट प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स, उत्तराखंड सुरंग के अंदर फंसे 41 श्रमिकों के बचाव कार्य में लगे हुए हैं. अर्नोल्ड इन सभी मामलों पर सलाह देते हैं और अंडरग्राउंड टनल बनाने में दुनिया के सबसे बेहतरीन एक्सपर्ट के रूप में जाने जाते हैं. 

अर्नाल्ड डिक्स
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 24 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 12:08 PM IST
  • श्रमिकों को बचाने में आ रही हैं कई मुश्किलें 
  • अर्नाल्ड को मिल चुके हैं कई अवार्ड 

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बन रही सिल्कयारा सुरंग में अभी भी श्रमिक फंसे हुए हैं. 13 दिनों से फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए कुल पांच एजेंसियों - आयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC), सतलुज जल विद्युत निगम (SJVNL), रेल विकास निगम (RVNL), नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) और THDCL को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इतना ही नहीं इंटरनेशनल टनलिंग एंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन के ऑस्ट्रेलिया स्थित अध्यक्ष अर्नोल्ड डिक्स उन विशेषज्ञों में से हैं, जिनसे बचाव दल परामर्श ले रहे हैं.

कौन हैं प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स? 

प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स भूमिगत और अंडरग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर में एक्सपर्ट हैं. कंस्ट्रक्शन रिस्क से लेकर इससे जुड़े टेक्निकल मामलों में भी वे एक्सपर्ट हैं. वह इन सभी मामलों पर सलाह देते हैं और अंडरग्राउंड टनल बनाने में दुनिया के सबसे बेहतरीन एक्सपर्ट के रूप में जाने जाते हैं. 

मौके पर पहुंचने के तुरंत बाद, अर्नाल्ड डिक्स ने सिल्क्यारा सुरंग का निरीक्षण करने का काम किया. साथ ही उन एजेंसियों से भी बात की जो बचाव कार्यों में शामिल हैं. फंसे हुए श्रमिकों को निकालने के लिए कई एजेंसियों और योजनाओं के साथ, प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स उन्हें बचाने के प्रति काफी आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं. 

श्रमिकों को बचाने में आ रही हैं कई मुश्किलें 

गुरुवार को प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स ने बताया कि सुरंग के अंदर फंसे सभी 41 श्रमिकों को क्रिसमस तक बचा लिया जाएगा. प्रोफेसर अर्नोल्ड का ये आश्वासन ध्वस्त सिल्कयारा सुरंग के मलबे को देखकर आया है. इसमें हो रही बोरिंग को गुरुवार को फिर से रोक दिया गया था. प्लेटफॉर्म में दरारें दिखाई देने के बाद इसे रोका गया था. 

इसे लेकर प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स ने पीटीआई को बताया, "हम कल श्रमिकों को देखने की उम्मीद कर रहे थे, फिर हम उन्हें आज सुबह और फिर आज दोपहर को देखने की उम्मीद कर रहे थे. लेकिन, ऐसा लगता है कि पहाड़ के विचार अलग हैं. हमें ऑगर (मशीन) को रोकना पड़ा है फिलहाल और मशीन की कुछ मरम्मत की जा रही है. हम शायद अगले चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं जहां हम दूसरे विकल्पों पर विचार करेंगे. 

अर्नाल्ड को मिल चुके हैं कई अवार्ड 

प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स की बात करें, तो साल 2011 में, उन्हें एलन नेलैंड ऑस्ट्रेलेशियन टनलिंग सोसाइटी का बाई-एनुअल अवार्ड मिला था. अर्नाल्ड डिक्स, एक बैरिस्टर भी हैं, ब्रिटिश इंस्टीट्यूट ऑफ इन्वेस्टिगेटर्स के सदस्य हैं. वह सभी महाद्वीपों पर एक्टिव हैं. विशेषज्ञ अंडरग्राउंड वर्क्स चैंबर्स के सदस्य, विक्टोरियन बार के सदस्य और टोक्यो सिटी यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग (सुरंगों) के विजिटिंग प्रोफेसर हैं.

हो चुके हैं 3 दशक 

तीन दशकों के उनके करियर में इंजीनियरिंग, भूविज्ञान, कानून और जोखिम प्रबंधन मामलों का एक अनूठा मिश्रण देखा गया है. प्रोफेसर अर्नोल्ड डिक्स की मुख्य ताकत किसी समस्या, जोखिम मूल्यांकन या विवाद के कानूनी और तकनीकी आयामों के बीच अंतर को पाटने की उनकी क्षमता है. एक बैरिस्टर के रूप में काम के अलावा अर्नाल्ड को एक्सपर्ट विटनेस, सलाहकार और मध्यस्थ के रूप में नियुक्त किया जा सकता है.

अभी हाल ही में, 2022 में, उन्हें अमेरिका के नेशनल फायर प्रोटेक्शन एसोसिएशन द्वारा समिति सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. 

टनल से लोगों को निकालने का काम चल रहा है 
 
सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को निकालने के लिए ड्रिलिंग का काम ऑगुर मशीन में तकनीकी खराबी आने के बाद गुरुवार रात फिर से रोक दिया गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक बचावकर्मी सिल्कयारा सुरंग में 46.8 मीटर तक खुदाई कर चुके हैं.


 

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