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Brahmos Missile Replica: ड्राइंव रूम की शोभा बढ़ाएगी ब्रह्मोस मिसाइल, वाराणसी में चांदी से किया जा रहा तैयार

ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान और पीओके में आंतक ठिकानों को तबाह कर दिया. अब ब्रह्मोस मिसाइल ड्राइंग रूम और लिविंग रूम की शोभा बढ़ाएगा. गुलाबी मीनाकारी काम के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले वाराणसी के कुंज बिहारी अपने दो सहयोगियों के साथ ब्रह्मोस मिसाइल को चांदी में अलग-अलग रंगों को पिरोकर तैयार कर रहे हैं.

Brahmos Missile Replica
रोशन जायसवाल
  • वाराणसी,
  • 20 मई 2025,
  • अपडेटेड 2:08 PM IST

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर से डरकर पाकिस्तान ने अपने घुटने टेक दिए. इस ऑपरेशन को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा ब्रह्मोस मिसाइल की हो रही है. ब्रह्मोस जल, थल और वायु तीनों से लॉन्च किया जा सकता है. ब्रह्मोस मिसाइल अपना लोहा मनवाने के बाद अब लोगों के ड्राइंग रूम और लिविंग रूम की भी खूबसूरती बढ़ाने के लिए तैयार है. ऑपरेशन सिंदूर को सफल बनाने वाली इस मिसाइल की हूबहू रिप्लिका वाराणसी के GI और ODOP प्रोडक्ट गुलाबी मीनाकारी के कारीगर तैयार कर रहे हैं. इसकी काफी डिमांड भी हो रही है.

ड्राइंग रूम की खूबसूरती बढ़ाएगा ब्रह्मोस!
गुलाबी मीनाकारी काम के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कुंज बिहारी अपने दोनों सहयोगियों के साथ ब्रह्मोस मिसाइल को चांदी में अलग-अलग रंगों को पिरोकर तैयार करने में लगे हुए हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने इस मिसाइल को इसलिए बनाना शुरू किया है, क्योंकि यह अपने स्वदेश में निर्मित है. पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत दुश्मन देश के दांत खट्टे कर देने में सबसे ज्यादा भूमिका ब्रह्मोस मिसाइल की रही है. यह भारत और रूस का ज्वाइंट वेंचर भी है. जिसमें भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मसकावा नदी का नाम है. 

ब्रह्मोस मिसाइल का चुनाव क्यों?
कुंज बिहारी ने बताया कि उन्होंने एक बार सोचा कि राफेल और S-400 बनाया जाए, लेकिन वह पूरी तरह से अपने देश में निर्मित नहीं है. इसलिए उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल को ही चुना. बीते 11 मई को लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ब्रह्मोस मिसाइल की इंटीग्रेटेड फैक्ट्री की भी शुरुआत कर दी है. उन्होंने बताया कि वह अपनी कला के माध्यम से अपने देश प्रेम के जज्बे को प्रदर्शित करना चाहते हैं. 

उन्होंने बताया कि गुलाबी मीनाकारी का काम शुद्ध चांदी और सोने पर ही होता है. फिलहाल ब्रह्मोस मिसाइल की रिप्लिका जो वे तैयार कर रहे हैं, वह चांदी पर तैयार किया जा रहा है और मेटल ऑक्साइड की वजह से तैयार अलग-अलग रंगों से इसमें रंग भरा जा रहा है. 

कितने की है ब्रह्मोस की रिप्लिका?
उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके पास ब्रह्मोस मिसाइल की गुलाबी मीनाकारी की रिप्लिका 150 ग्राम चांदी वाली लगभग 25000 रुपए की है और 60 ग्राम चांदी में तैयार होने वाले ब्रह्मोस मिसाइल की कीमत ₹10000 रखी गई है. उन्होंने बताया कि लोगों में इसकी काफी डिमांड होना शुरू हो गई है. लोग इसे अपने ड्राइंग रूम और सौवेनियर शॉप में भी रखना पसंद कर रहे हैं. यह पहला ऐसा गुलाबी मीनाकारी का मॉडल है, जिसमें देश प्रेम भी झलकता है. उन्होंने बताया कि वह चाहते हैं कि वह अपने हाथों से गुलाबी मीनाकारी के जरिए तैयार हुआ ब्रह्मोस मिसाइल की रिप्लिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को भेंट करें.

बढ़ती जा रही है इसकी डिमांड-
ब्रह्मोस मिसाइल की रिप्लिका के बढ़ते ऑर्डर के चलते इस काम में और भी गुलाबी मीनाकारी के कारीगर लग गए हैं. जिसमें से एक बाबू सोनी ने बताया कि डिमांड काफी हो जाने के चलते सभी कारीगर और परिवार के सदस्य मिलकर उसे पूरा करते हैं. वही मुंबई से वाराणसी ब्रह्मोस मिसाइल की गुलाबी मीनाकारी की रिप्लिका के लिए आर्डर देने आए व्यापारी सुशील कुमार ने बताया कि दुनिया के कोने-कोने से एंटीक प्रोडक्ट को खोजकर निकालते हैं. इसी सिलसिले में वह अब वाराणसी ब्रह्मोस मिसाइल की गुलाबी मीनाकारी की रिप्लिका के ऑर्डर के देने आए हैं. उन्होंने बताया कि इसकी बहुत ज्यादा डिमांड लोगों की ओर से आ रही है.

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