तमिलनाडु में आज से विजय सरकार! गवर्नर ने फ्लाइट छोड़ी, Thalapathy Vijay ने 4 बार की मुलाकात, जानें आखिर कैसे TVK ने बहुमत का जुटाया आंकड़ा,  59 साल बाद पहली बार Tamil Nadu में गैर DMK-AIADMK गवर्नमेंट 

Tamil Nadu CM oath ceremony: तमिलनाडु की सत्ता का सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है. एक्टर से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी TVK ने बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल कर लिया है. टीवीके चीफ विजय रविवार से तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री होंगे.  टीवीके को सरकार बनाने के लिए 10 सीटें कम पड़ रही थी. यहां आप जान सकते हैं आखिर कैसे टीवीके ने बहुमत  का आंकड़ा जुटाया है. 

Thalapathy Vijay
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 10 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:19 AM IST

Tamil Nadu CM Vijay Shapath Grahan Samaroh: तमिलनाडु में चुनावी नतीजे जारी होने के बाद से कौन सरकार बनाएगा इस पर सस्पेंस बना हुआ था लेकिन वह सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है. एक्टर से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल कर लिया है. विजय ने आखिरकार चार मुलाकातों के बाद राज्यपाल  राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से सरकार बनाने का न्योता प्राप्त कर लिया है.

विजय रविवार सुबह 10 बजे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. आपको मालूम हो कि विजय ने दो साल पहले टीवीके पार्टी बनाई थी. पहली बार चुनाव लड़ते हुए टीवीके पार्टी ने तमिलनाडु विधानसभा की कुल 234 सीटों में से 108 सीटों पर जीत दर्ज की है. टीवीके को सरकार बनाने के लिए 10 सीटें कम पड़ रही थी लेकिन विजय ने 5 दलों के समर्थन से 120 विधायकों का मजबूत गठबंधन तैयार किया है. अब 59 साल बाद पहली बार तमिलनाडु में गैर DMK-AIADMK सरकार होगी.

पांच दिनों तक चला राजनीतिक ड्रामा
आपको मालूम हो कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीती थीं. यहां सरकार बनाने के लिए 118 सीटें चाहिए. ऐसे में टीवीके को 10 सीटें कम पड़ रही थी. विजय खुद दो सीटों से जीते हैं, ऐसे में उन्हें एक सीट छोड़नी है. ऐसे में सदन में टीवीके के वोट की संख्या 107 रह गई. विजय को बहुमत साबित करने के लिए 11 और विधायकों की जरूरत थी. ऐसा लग रहा था कि विजय बहुमत का आंकड़ा नहीं जुटा पाएंगे लेकिन अब पांच दिनों के राजनीतिक ड्रामा के बाद विजय ने 5 दलों के समर्थन से 120 विधायकों का दावा पेश किया है.

आपको मालूम हो को थलपति विजय को सबसे पहले पांच विधायकों वाली पार्टी कांग्रेस ने समर्थन दिया था. हालांकि कांग्रेस ने विजय के सामने शर्त रखी कि बीजेपी और अन्नाद्रमुक को सत्ता से दूर रखा जाए. इसके बाद विजय का वाम दलों मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने भी साथ दिया. सीपीआई के दो और सीपीएम के भी दो विधायक हैं. दोनों दलों ने टीवीके को बिना शर्त बाहर से समर्थन दिया. अंतिम दो दिनों में विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) 2 सीटें और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) 2 सीटें के समर्थन ने पासा पलट दिया. हालांकि शुक्रवार रात वीसीके के सोशल मीडिया अकाउंट से समर्थन का ट्वीट होना, फिर डिलीट होना और अकाउंट सस्पेंड होना किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं रहा. अंततः शनिवार शाम 5 बजे वीसीके और आईयूएमएल ने विजय को लिखित समर्थन पत्र सौंप दिए.

 ...तो लग जाता राष्ट्रपति शासन 
शनिवार शाम तक स्थिति काफी  सस्पेंस था. राज्यपाल अर्लेकर की शाम 7:10 बजे केरल के लिए फ्लाइट थी. यदि शनिवार रात तक फैसला नहीं होता तो रविवार को तमिलनाडु में राष्ट्रपति शासन लागू होने का खतरा था, क्योंकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा था. राज्यपाल ने अपना केरल दौरा रद्द किया और शनिवार शाम 6:30 बजे थलपति विजय के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. विजय ने कांग्रेस, माकपा, भाकपा, वीसीके और आईयूएमएल के विधायकों के साथ राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया.

तीन बार लौटे थे खाली हाथ... चौथी मुलाकात में बनी बात
आपको मालूम हो कि पिछले तीन दिनों में तीन बार विजय को  राज्यपाल के यहां से खाली हाथ लौटाने के बाद चौथी मुलाकात में 120 विधायकों के लिखित समर्थन को देखकर राज्यपाल ने आखिरकार सरकार बनाने की सहमति दे दी.  राजभवन में विजय और सहयोगी दलों के नेताओं के साथ दो घंटे से अधिक चली बैठक के बाद राज्यपाल ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त करने की घोषणा की. राज्यपाल ने विजय को एक निर्देश भी दिया है. राज्यपाल ने थलपति विजय से 13 मई तक या उससे पहले सदन में विश्वास मत हासिल करने को कहा है. विजय को विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा साबित करना होगा.

 

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