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दिल्ली में सिंगल यूज प्लास्टिक बैन का उल्लंघन करने वालों पर कंट्रोल रूम से होगी निगरानी, न मानने वालों पर होगा 1 लाख रु तक का जुर्माना   

Single-Use Plastic Ban: दिल्ली में 1 जुलाई से सिंगल यूजप प्लास्टिक पर बैन लग चुका है. लोग इसका अच्छे से पालन करें इसके लिए प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाया है. इस कंट्रोल रूम की मदद से ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जा सकेगी जो इसका उल्लंघन कर रहे हैं.

Single Use Plastic ban
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 10 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 3:50 PM IST
  • चेतावनी नहीं दी जाएगी, सीधे कार्रवाई होगी 
  • उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी

प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने 19 सिंगल यूज प्लास्टिक वालों चीज़ों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है. इतना ही नहीं बल्कि इसकी निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि कंट्रोल रूम सोमवार से इसका उल्लंघन करने वाली यूनिट को बंद करना शुरू कर देगा. और अगर सिंगल यूज प्लास्टिक (SUP) बैन के उल्लंघन से संबंधित कोई शिकायत मिलती है, तो कंट्रोल रूम एनफोर्समेंट टीम को कार्रवाई करने का निर्देश दे सकता है. 

चेतावनी नहीं दी जाएगी, सीधे कार्रवाई होगी 

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के अधिकारी के मुताबिक, उल्लंघन के संबंध में शिकायतें दिल्ली सरकार के ग्रीन दिल्ली एप्लीकेशन या केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के "एसयूपी-सीपीसीबी" एप्लीकेशन के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती हैं. सोमवार से क़ानूनी प्रावधान के तहत बैन का उल्लंघन करने वाली सभी यूनिट को बंद करना शुरू कर दिया जाएगा. इसके लिए अलग से कोई और चेतावनी नहीं दी जाएगी. 

उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी

बताते चलें कि राजधानी दिल्ली में 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक बैन की जा चुकी है. जब एसयूपी वस्तुओं पर प्रतिबंध लागू हुआ था तो दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि दिल्ली सरकार शुरुआती 10 दिनों के लिए प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के प्रति थोड़ा कम सख्ती दिखाएगी. लोगों को पहले इसके लिए जागरूक किया जाएगा. 

पर्यावरण मंत्री ने आगे कहा कि 19 एसयूपी सामानों बैन का उल्लंघन करने वाली यूनिट को अधिकारी 10 जुलाई तक वार्निंग नोटिस जारी करेंगे और इसके बाद बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

कार्रवाई में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत एक लाख रुपये तक का जुर्माना या पांच साल तक की जेल या दोनों शामिल होंगे. 
टीमों का किया गया है गठन 

गौरतलब है कि राजस्व विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने प्रतिबंध को लागू करने के लिए 33 और 15 टीमों का गठन किया है. एमसीडी और अन्य शहरी स्थानीय निकाय अपने नियमों के अनुसार चूक करने वाली यूनिट के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, जबकि राजस्व विभाग पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करेगा.

किन वस्तुओं पर प्रतिबंध है?

प्रतिबंधित वस्तुओं में ईयरबड, गुब्बारे के लिए प्लास्टिक की स्टिक, झंडे, कैंडी की स्टिक, आइसक्रीम की स्टिक, पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल), प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, पुआल, ट्रे, रैपिंग या पैकेजिंग फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट के पैकेट, प्लास्टिक या पीवीसी बैनर 100 माइक्रोन से कम और स्टिरर पर बैन है.

प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों के तहत 75 माइक्रोन से कम मोटाई के प्लास्टिक कैरी बैग भी प्रतिबंधित हैं. इनकी मोटाई 31 दिसंबर से बढ़ाकर 120 माइक्रोन करनी होगी. 

वहीं, 50 माइक्रोन से कम मोटाई की प्लास्टिक रैपिंग सामग्री और तंबाकू, पान मसाला और गुटखा बेचने और भंडारण के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के पाउच की भी अनुमति नहीं है.
 


 

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