सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों को हैरान भी किया है और सोचने पर भी मजबूर कर दिया है. वीडियो में भारी ट्रैफिक जाम के बीच एक दोपहिया वाहन पर पीछे बैठा शख्स लैपटॉप खोलकर काम करता दिखाई देता है. उसके आसपास गाड़ियों की लंबी कतार लगी है, लेकिन वह बिना इधर-उधर देखे अपने काम में पूरी तरह व्यस्त नजर आता है.
हेलमेट पहने, एक हाथ में फोन और सामने लैपटॉप
वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि शख्स ने हेलमेट पहन रखा है. वह बाइक की पिछली सीट पर बैठा है और उसकी गोद में लैपटॉप खुला हुआ है. इतना ही नहीं, उसके एक हाथ में मोबाइल फोन भी दिखाई देता है, जबकि दूसरे हाथ से वह लगातार लैपटॉप पर टाइप करता रहता है. ट्रैफिक धीरे-धीरे आगे बढ़ता है, लेकिन उसका पूरा ध्यान सिर्फ काम पर रहता है.
वीडियो ने सोशल मीडिया पर छेड़ दी बहस
यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने इसे आधुनिक कॉर्पोरेट संस्कृति की तस्वीर बताया, तो कुछ ने इसे मजबूरी कहा. कुछ लोगों का कहना था कि आज की नौकरी में लोगों के पास इतना भी समय नहीं बचा कि वे सफर के दौरान भी काम से दूरी बना सकें. वहीं कई यूजर्स ने इस तरह काम करने को बेहद जोखिम भरा बताया.
लोगों ने दिए ऐसे-ऐसे रिएक्शन
वीडियो पर कमेंट करते हुए कई यूजर्स ने लिखा कि अब लोग मशीन बनते जा रहे हैं. किसी ने कहा कि ट्रैफिक जाम भी अब ऑफिस का एक्सटेंशन बन गया है. कुछ लोगों ने लिखा कि काम का दबाव इतना बढ़ गया है कि लोग सड़क पर भी लैपटॉप बंद नहीं कर पा रहे. वहीं कुछ यूजर्स ने इसे भारत की व्यस्त जिंदगी और बढ़ते वर्कलोड की झलक बताया.
सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई. लोगों का कहना है कि ट्रैफिक के बीच इस तरह लैपटॉप का इस्तेमाल करना ध्यान भटका सकता है और किसी भी समय हादसे की वजह बन सकता है. भले ही वीडियो में व्यक्ति बाइक चला नहीं रहा था, बल्कि पीछे बैठा था, फिर भी कई लोगों ने इसे असुरक्षित व्यवहार बताया.
वर्क-लाइफ बैलेंस पर उठे सवाल
इस वीडियो ने सिर्फ एक व्यक्ति की मजबूरी नहीं दिखाई, बल्कि आधुनिक कार्य संस्कृति पर भी बहस छेड़ दी. लोगों का कहना है कि अगर किसी को ट्रैफिक जाम में भी लैपटॉप खोलकर काम करना पड़े, तो यह वर्क-लाइफ बैलेंस पर गंभीर सवाल खड़े करता है. कई यूजर्स ने लिखा कि लगातार बढ़ते काम के दबाव और हर समय ऑनलाइन रहने की उम्मीद ने निजी जिंदगी और पेशेवर जीवन के बीच की दूरी को लगभग खत्म कर दिया है.
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