देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 की वापसी का सिलसिला जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की वापसी 19 सितंबर को शुरू हुई थी, जो सामान्य तारीख 17 सितंबर से 2 दिन देर रही. 23 सितंबर तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के अधिकांश हिस्सों और पूरी दिल्ली से मानसून वापस लौट चुका था. मौसम विभाग ने बताया है कि अगले कुछ दिनों में देश के कई अन्य हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है.
सामान्य से कम हुई बारिश-
इस साल मानसूनी बारिश का प्रदर्शन देशभर में सामान्य से कम रहा. जून से सितंबर के दौरान पूरे देश में 759.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 1901 के बाद 13वीं सबसे कम और 2001 के बाद चौथी सबसे कम बारिश है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 1017.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जो 1901 के बाद सबसे कम रही। वहीं, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 542 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 1901 के बाद चौथी सबसे कम है.
34 जिलों में काफी कम हुई बारिश-
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, 741 जिलों में मानसूनी बारिश का आकलन किया गया. इनमें 282 जिलों में बारिश सामान्य से कम और 34 जिलों में काफी कम रही. 312 जिलों में बारिश सामान्य रही, जबकि 90 जिलों में सामान्य से अधिक और 16 जिलों में काफी अधिक बारिश दर्ज की गई.
कई राज्यों में भारी बारिश भी हुई-
सितंबर के दौरान कई राज्यों में भारी बारिश की घटनाएं भी सामने आईं. महीने में 316 स्टेशनों ने बहुत भारी बारिश की घटनाएं दर्ज कीं, जबकि 44 स्टेशनों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज हुई. 23 सितंबर को उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट के पास एक डीप डिप्रेशन के प्रभाव से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तर प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हुई.
गर्म रहा सितंबर-
तापमान के लिहाज से भी सितंबर गर्म रहा. पूरे भारत में सितंबर का औसत तापमान 27.72 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.60 डिग्री अधिक है. औसत अधिकतम तापमान 32.05 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 1901 के बाद छठा सबसे अधिक है. दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में सितंबर का अधिकतम, न्यूनतम और औसत तापमान तीनों 1901 के बाद सबसे अधिक दर्ज किए गए.
अक्टूबर में सामान्य से कम बारिश का अनुमान-
आने वाले अक्टूबर महीने को लेकर मौसम विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है. अक्टूबर में पूरे देश की बारिश 85 प्रतिशत एलपीए से कम रहने की संभावना है. हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है.
मजबूत अल-नीनो का अनुमान-
अक्टूबर से दिसंबर के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश सामान्य रहने का अनुमान है, जबकि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना है. इसी अवधि में मजबूत अल-नीनो की स्थिति जारी रहने का अनुमान है. अक्टूबर में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना भी जताई गई है.
मौसम विभाग ने 30 सितंबर को यह भी बताया कि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले पांच दिनों के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. साथ ही, देश के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी अगले कुछ दिनों में आगे बढ़ने की संभावना है.
ये भी पढ़ें: