एक्टिव पश्चिमी विक्षोभ के कारण लगातार देश के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग के अनुसार 3 और 4 फरवरी 2026 को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में छिटपुट वर्षा और बर्फबारी होने की संभावना है. इसका असर खास तौर पर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में देखा जा सकता है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण तापमान में ठंडक बनी रहेगी और कुछ जगहों की पर यातायात प्रभावित हो सकती है.
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में हल्की बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के कारण होने वाले मौसम में बदलाव केवल पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं रहेंगे. इसके चलते उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के आस-पास के मैदानी इलाकों के अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है.
इन क्षेत्रों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के कुछ हिस्से, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं. यह बारिश फसलों के लिए कुछ हद तक फायदेमंद हो सकती है, लेकिन मौसम विभाग ने लोगों को ठंड से सतर्क रहने को कहा है.
घने कोहरे से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका
मौसम विभाग ने कोहरे को लेकर भी चेतावनी जारी की है. पंजाब, हरियाणा और उत्तरी मध्य प्रदेश में 3 से 4 फरवरी के बीच सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने की संभावना है. वहीं उत्तर प्रदेश में यह स्थिति 5 फरवरी तक बनी रह सकती है. कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ सकता है. खासकर सुबह के समय मौसतम विभाग ने लोगों को वाहन चलाते वक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं
अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. इसका मतलब है कि ठंड का असर फिलहाल बना रहेगा और रात के तापमान में ज्यादा गिरावट या बढ़ोतरी देखने को नहीं मिलेगी. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे पूर्वी राज्यों में मौसम लगभग स्थिर रहने की उम्मीद है.
महाराष्ट्र में धीरे-धीरे बढ़ेगा तापमान
महाराष्ट्र के लोगों के लिए राहत की खबर है. अगले 3 दिनों के दौरान राज्य में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है. इसके बाद तापमान में किसी खास बदलाव की उम्मीद नहीं है.
मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को गर्म कपड़े पहनने, वाहन चलाने समय कोहरे में सावधान रहने की सलाह दी गई है.
ये भी पढ़ें