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Weather Update: अगस्त और सितंबर में कैसा रहेगा मौसम, IMD की चेतावनी जान लिजिए

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अगस्त और सितंबर महीने में देशभर में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है. अगस्त के आखिर में ला नीना बनने की संभावना है. इससे भारी बारिश होगी. हालांकि इसकी वजह से शहरों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं. पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं.

Weather Update
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 11:47 AM IST

देश के तमाम हिस्सों में झमाझम बारिश हो रही है. दिल्ली-एनसीआर से लेकर पहाड़ी इलाकों तक में भारी बारिश से लोगों की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अगस्त और सितंबर के महीने में भी बारिश की समस्याओं से निजात मिलती नहीं दिख रही है. मौसम विभाग ने अगस्त और सितंबर महीने में भी सामान्य से ज्यादा बारिश की चेतावनी जारी की है. अगस्त के अंत में ला नीना की संभावना बन रही है. जिससे अच्छी बारिश होती है. मौसम विभाग ने चेताया है कि सितंबर में भारी बारिश से लैंडस्लाइड और बाढ़ आने की आशंका है.

अगस्त-सितंबर में कैसा रहेगा मौसम-
मौसम विभाग के अगस्त और सितंबर में औसत से ज्यादा बारिश का अनुमान लगाया है. विभाग का कहना है कि इस दौरान देशभर में 422.8 मिमी की लॉन्ग टर्म औसत बारिश का करीब 106 फीसदी होने की उम्मीद है. एक जून से अब तक 453.8 मिमी बारिश हुई है. जबकि सामान्य बारिश 445.8 मिमी होती है. यह सामान्य बारिश से 2 फीसदी ज्यादा है.

कुछ जगहों पर सामान्य से कम बारिश-
आईएमडी चीफ मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि अगस्त और सितंबर में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है. हालांकि पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत,लद्दाख, सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों के साथ मध्य और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी सामान्य से कम बारिश हो सकती है.

लैंडस्लाइड और बाढ़ की आशंका-
मौसम विभाग के मुताबिक अगस्त के अंत तक ला नीना की संभावना बन रही है. आपको बता दें कि ला नीना के चलते भारत में अच्छी बारिश होती है. हालांकि इसकी वजह से मुश्किल खड़ी करने वाले हालात भी पैदा होंगे. विभाग के मुताबिक ला नीना से सितंबर में जो बारिश होगी, उससे शहरों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं. इससे निचले इलाकों में पानी भर सकता है और पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड जैसी घटनाएं हो सकती हैं.

जुलाई में 9 फीसदी कम बारिश-
मौसम विभाग के मुताबिक देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है. आईएमडी चीफ ने कहा कि गंगा के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और दक्षिण-पूर्वी तट के कुछ इलाकों में सामान्य से कम तापमान रहने की संभावना है. विभाग के मुताबिक जुलाई में भारत में 9 फीसदी अधिक बारिश हुई है. मध्य क्षेत्र में सामान्य से 33 फीसदी ज्यादा बारिश  हुई है.

महापात्रा ने कहा कि मध्य भारत में खेती मानसून की बारिश पर निर्भर रहती है. इस हिस्से में लगातार तीसरे साल अच्छी बारिश हो रही है. इससे खेती को लाभ होगा. हालांकि पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में जुलाई में सामान्य से 23 फीसदी कम बारिश हुई. जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से 14 फीसदी कम बारिश हुई है. उधर, दक्षिण प्रायद्वीप में 36 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है.

किस राज्य में कितनी हुई बारिश-
आईएमडी के मुताबिक यूपी, बिाहर, झारखंड, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बारिश में भारी कमी देखी गई है. हालांकि अगस्त और सितंबर में इन इलाकों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है. हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश में 35 फीसदी से 45 फीसदी की कमी आई है. 

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