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AAP's Social Media Campaign: क्या है AAP का नया सोशल मीडिया कैंपेन, जिसमें सभी कार्यकर्ता बदल रहे हैं सोशल मीडिया की DP  

आतिशी ने लोगों से पार्टी के सोशल मीडिया अभियान में शामिल होने का आग्रह किया है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई अकेले केजरीवाल से आगे तक की है.

Arvind Kejriwal (Photo: PTI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 11:45 AM IST
  • आप का सोशल मीडिया कैंपेन 
  • जेल से केजरीवाल का निर्देश

आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है. बता दें, अरविन्द केजरीवाल को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी के कनेक्शन में गिरफ्तार किया गया है. इसके लिए आप ने नया सोशल मीडिया कैंपेन चलाया है. इसमें सभी को अपनी सोशल मीडिया की डिस्प्ले पिक्चर बदलने के लिए कहा गया है. इस फोटो में केजरीवाल को सलाखों के पीछे दिखाया गया है और AAP सदस्यों ने तस्वीरों के साथ 'मोदी का सबसे बड़ा डर केजरीवाल' शीर्षक दिया है. 

आप का सोशल मीडिया कैंपेन 

सोमवार को एक सोशल मीडिया अभियान शुरू करते हुए, AAP ने जनता से उनके मुद्दे का समर्थन करने का आह्वान किया. उन्होंने  इसे भारत में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के रूप में बताया है.  एक प्रेस कांफ्रेंस में, दिल्ली की मंत्री और वरिष्ठ आप नेता आतिशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने में सक्षम एकमात्र नेता के रूप में केजरीवाल के महत्व पर जोर दिया. आतिशी ने लोकसभा चुनाव की घोषणा के ठीक बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे भाजपा और मोदी द्वारा विपक्षी आवाजों को दबाने का प्रयास बताया. 

"तानाशाही" से जूझ रहे हैं

आतिशी ने सत्तारूढ़ पार्टी पर केजरीवाल को कुचलने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आप देश में "तानाशाही" के खिलाफ संघर्ष में लगी हुई है. लोगों से पार्टी के सोशल मीडिया अभियान में शामिल होने का आग्रह करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई अकेले केजरीवाल से आगे तक की है. उन्होंने जनता से समर्थन की मांग की है. 

जेल से केजरीवाल का निर्देश

गौरतलब है कि रविवार को केजरीवाल ने ईडी की कस्टडी से एक निर्देश जारी किया.  इसमें आतिशी को दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में पानी और सीवर से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने का निर्देश दिया गया. पार्टी ने खुलासा किया कि यह संदेश केजरीवाल के वकील ने सीएम कार्यालय को सौंपे गए एक लिखित नोट के माध्यम से दिया.  हालांकि, ईडी ने हिरासत में व्यक्तियों के लिए स्टेशनरी पर प्रतिबंध का हवाला देते हुए निर्देश की वैधता के बारे में संदेह जताया है. 

ईडी की जांच और प्रतिक्रिया

ईडी ने इसके सोर्स पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल के कथित निर्देश की वैधता की जांच करने की बात कही है. बता दें, केजरीवाल ने अपनी चिट्ठी में पानी और सीवेज की समस्याओं पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने विशेषकर गर्मियों की शुरुआत के साथ नागरिकों की कठिनाइयों को कम करने के लिए त्वरित कार्रवाई की जरूरत की बात कही. 
 

 

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