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Shubhanshu Shukla: भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स के बाद अब भारत के शुभांशु शुक्ला जाएंगे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन... गगनयान मिशन का भी हैं हिस्सा

Axiom 4 Mission के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) जाएंगे. शुभांशु पहले भारतीय होंगे जो ISS जाएंगे.

Group Captain Shubhanshu Shukla
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 20 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 8:17 AM IST

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को सफलतापूर्वक धरती पर वापस लाने के बाद, वही स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान एक और ऐतिहासिक मिशन के लिए तैयार है. अब सभी की निगाहें आगामी एक्सिओम मिशन 4 (एक्स-4) पर हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस मिशन में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) जाएंगे. शुभांशु पहले भारतीय होंगे जो ISS जाएंगे. 

शुभांशु शुक्ला स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर सवार होकर आईएसएस की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री के रूप में इतिहास रचने के लिए तैयार हैं. यह मिशन फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च होगा. इसके अलावा, शुभांशु भारत के गगनयान मिशन का भी हिस्सा हैं. 

भारत अपने पहले मानव अंतरिक्ष यान मिशन, गगनयान की तैयारी कर रहा है, जिसे 2025 में लॉन्च किया जाना है. इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री होंगे, जो सभी अनुभवी भारतीय वायु सेना (IAF) पायलट हैं, जिन्हें इस ऐतिहासिक यात्रा के लिए प्रशिक्षित किया गया है. इनमें से एक ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला हैं. 

कौन हैं शुभांशु शुक्ला 
10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में जन्मे शुक्ला एक कुशल लड़ाकू पायलट हैं, जिन्हें 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है. बात उनकी स्कूल की पढ़ा की करें तो उन्होंने लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल से शिक्षा प्राप्त की. शुक्ला ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), पुणे से स्नातक की और बैचलर ऑफ़ टेक्नोलॉजी (B.Tech.) की डिग्री ली. बाद में. उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बैंगलोर से मास्टर ऑफ़ टेक्नोलॉजी की पढ़ाई की. 

वह 2006 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुए और एक टेस्ट पायलट बन गए, उन्होंने Su-30 MKI, MiG-21 और जगुआर जैसे विभिन्न विमानों में महारत हासिल की.  ​​2019 में, उन्हें अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण के लिए चुना गया और रूस के यूरी गगारिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में उन्होंने तैयारी की. मार्च 2024 में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया

गगनयान के अलावा, शुक्ला को 2024 में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए एक्सिओम मिशन 4 (एक्स-4) को पायलट करने के लिए चुना गया था. इससे वह आई.एस.एस. का दौरा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बन जाएंगे, जो भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक प्रमुख मील का पत्थर होगा.

एक्सिओम मिशन 4
एक्सिओम मिशन 4 प्राइवेट स्पेस एजेंसी, इसरो और नासा के बीच एक सहयोग प्रोजेक्ट है, जो इसे दुनिया का पहला कमर्शियल अंतरिक्ष स्टेशन मिशन बनाता है. स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान, जो हाल ही में विलियम्स और विल्मोर को वापस लाया है, इस मिशन को पूरा करने के लिए एक बार फिर फ्लोरिडा से उड़ान भरेगा. एक्स-4 मिशन लगभग दो सप्ताह तक चलेगा और इसमें अलग-अलग सेक्टर के अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे. 

चालक दल का नेतृत्व कमांडर के रूप में नासा की पूर्व अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन करेंगी. उनके साथ, पोलैंड से यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री सावोज़ उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी से टिबोर कापू भी मिशन का हिस्सा होंगे. इस मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष में वैज्ञानिक अनुसंधान, आउटरीच पहल और कमर्शियल एक्टिविटीज को आगे बढ़ाना है. इसरो इस मिशन पर बारीकी से नज़र रखेगा, क्योंकि इसके रिजल्ट गगनयान मिशन की सफलता को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. 

 

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