गर्मियों का मौसम आते ही बिजली की खपत तेजी से बढ़ जाती है. एसी, कूलर, पंखे, फ्रिज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगातार चलने लगते हैं, जिससे महीने के आखिर में बिजली का बिल कई परिवारों के लिए चिंता का कारण बन जाता है. खासतौर पर बड़े परिवारों में यह खर्च और भी ज्यादा बढ़ जाता है. ऐसे में लोग अब अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली बिल कम करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं. केंद्र सरकार भी सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना प्रमुख है.
केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य आम लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है. योजना के तहत घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार सब्सिडी प्रदान करती है. इससे न केवल बिजली का खर्च कम होता है, बल्कि लोग स्वच्छ ऊर्जा की ओर भी कदम बढ़ाते हैं.
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या दुकान की छत पर भी इस योजना के तहत सोलर पैनल लगवाया जा सकता है. दरअसल, यह योजना मुख्य रूप से रिहायशी घरों के लिए है. सरकार की सब्सिडी केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलती है जिनके नाम पर खुद का घर और वैध घरेलू बिजली कनेक्शन हो.
क्या है नियम?
यदि कोई व्यक्ति अपने घर से ही छोटी दुकान चला रहा है और बिजली कनेक्शन घरेलू कैटेगरी का है, तो वह योजना का लाभ ले सकता है. लेकिन यदि दुकान पूरी तरह कमर्शियल है और उसके लिए अलग से कमर्शियल बिजली कनेक्शन लिया गया है, तो ऐसी स्थिति में सब्सिडी नहीं मिलेगी. हालांकि, सोलर पैनल लगवाने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन उसका पूरा खर्च खुद उठाना होगा.
कितनी मिलती है सब्सिडी?
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर सिस्टम की क्षमता के अनुसार सब्सिडी दी जाती है. 1 किलोवाट तक की क्षमता पर लगभग 30,000 रुपए प्रति किलोवाट. तो वहीं, 2 किलोवाट तक के सिस्टम पर कुल लगभग 60,000 रुपए. 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 78,000 रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है.