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World Samosa Day 2023: क्या है समोसे का इतिहास...कहां से और कब भारत में आया समोसा, जानिए

10वीं सदी के आसपास मध्य एशिया से निकला समोसा अब भारत का सबसे ज्यादा लोकप्रिय स्नैक है. अपने देश में तो समोसे के बगैर जीवन ही अधूरा है. इसकी गजब की लोकप्रियता के चलते ही अब हर साल 05 सितंबर को वर्ल्ड समोसा डे मनाया जाने लगा है.

World Samosa Day 2023
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 05 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 8:39 AM IST

समोसा आसानी से मिल जाने वाला और पूरी दुनिया में सबसे पसंदीदा स्नैक्स में से एक माना जाता है. समोसा असल में फारसी शब्द 'सम्मोकसा' से बना है. ऐसा माना जाता है कि समोसे की उत्पत्ति 10वीं शताब्दी से पहले कही मध्य पूर्व में हुई थी. यह 13वीं से 14वीं शताब्दी के बीच भारत में आया. समोसे का Middle East से भारत तक का सफर कई कहानियों के साथ देखने को मिलता है. लेकिन कहते हैं कि असल में यह भारत आए व्यापारियों के साथ भारत आया. समोसे को अपने कुरकुरे बाहरी हिस्से और अंदर की भराई के जबरदस्त स्वाद के लिए पसंद किया जाता है. समोसे का नाम लेते ही इसका स्वाद जुबान पर चढ़ जाता है. आजकल तो समोसा हर गली, नुक्कड पर आसानी से मिल जाता है. इसके अलावा महंगे से महंगे रेस्तरां में भी समोसे की कई वैराइटी देखने को मिलती हैं. 

किस दिन मनाया जाता है
विश्व समोसा दिवस हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है. इस साल ये मंगलवार को पड़ रहा है.

क्या है इसका इतिहास
ऐसा माना जाता है कि समोसे की उत्पत्ति 10वीं शताब्दी में मध्य पूर्व में हुई थी. 13वीं या 14वीं शताब्दी के आसपास, व्यापारी भारत में स्वादिष्ट स्नैक्स लेकर आए और तब से, समोसा बेहद पसंदीदा रहा है. समोसे का कुरकुरा स्वादिष्ट बाहरी हिस्सा मैदा या गेहूं के आटे से बनाया जाता है, और इसके अंदर मटर, प्याज, सब्जियां, पनीर, मटन या चिकन भरकर डाला जाता है और फिर उन्हें सुनहरा भूरा होने तक डीप फ्राई किया जाता है. समोसा शाम के समय सड़क किनारे ठेलों पर मिलने वाला एक आम नाश्ता है. कभी-कभी, स्वाद बढ़ाने और नाश्ते में तीखा स्वाद जोड़ने के लिए समोसे के साथ पुदीना या धनिये की चटनी परोसी जाती है.

वास्तव में भारत में फ्राइड फूड का अहस हिस्सा बन चुका समोसा ईरान से यहां आया. एक कहानी तो यह भी है कि दसवीं सदी के दौरान महमूद गजनवी के दरबार में एक शाही पेस्ट्री पेश की जाती थी, जिसमें कीमा स्टफिंग होती थी. यह काफी हद तक समोसे जैसी ही होती थी. दिलचस्प बात यह है कि अगर आप समोसा का शानदार जायका लेना चाहते हैं तो आपको भारत का नहीं पाकिस्तान का रुख करना चाहिए. जी हां, विश्वभर में पाकिस्तान के समोसों के स्वाद का खूब नाम है. यहां प्रयोग में लाए जाने वाले इंग्रिडिएंट्स इसका जायका बढ़ा देता है. वहां के समोसे सब्जी सामग्री से भरे हुए होते हैं. विशेष रूप से दक्षिण सिंध प्रांत या पूर्वी पंजाब में मसालों के लिए समोसे खूब जाने जाते हैं. 

क्या है इसका महत्व?
समोसे को सबसे पसंदीदा नाश्ते के रूप में मनाया जाता है. यह स्वादिष्ट और बहुत पसंद किया जाने वाला नाश्ता है. विश्व समोसा दिवस मनाने के कई तरीके हैं. इस दिन हम जितना हो सके समोसा खा सकते हैं. पनीर समोसे से लेकर चिकन समोसे और प्याज समोसे तक, हमें बाहर जाकर इन सभी को आजमाना चाहिए. जश्न मनाने का दूसरा तरीका घर पर समोसा बनाना सीखना है. रेसिपी सरल है, और एक बार जब हम इसे सीख लेते हैं, तो हम इसे शाम के नाश्ते के लिए बनाना कभी बंद नहीं कर सकते. समोसा पार्टी आयोजित करना और एक मज़दार शाम बिताने के लिए सभी दोस्तों और रिश्तेदारों को घर पर बुलाना दिन मनाने का एक और शानदार तरीका है.

 

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