मुंबई के शीर्ष पंडालों में अंधेरी के राजा का नाम हमेशा शामिल होता है। यह मंडल अपने विशेष थीम के लिए प्रसिद्ध है. इस वर्ष पंडाल को गुजरात के सारंगपुर स्थित कष्ट भंजन हनुमान जी के मंदिर की थीम पर सजाया गया है. पंडाल के बाहर 32 फीट ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा भी स्थापित की गई है. इस मंडल की स्थापना की कहानी दिलचस्प है. मंडल के भक्त जिस कंपनी में काम करते थे, वहां एक लंबे समय से हड़ताल चल रही थी. अनुकूल परिणाम के लिए गणेश पंडाल की स्थापना की गई. इच्छा पूरी होने पर और वादे के अनुसार, उन्होंने अनंत चतुर्दशी के पांच दिन बाद मूर्तियों का विसर्जन किया. तभी से इस प्रथा की शुरुआत हुई. यह परंपरा आज भी जारी है, जो भक्तों की आस्था और संकल्प को दर्शाती है.