उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और जम्मू संभाग में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. रुद्रप्रयाग जनपद में सुबह 5 बजे से ही एक चिंताजनक स्थिति बनी हुई है, जिसमें बसुकेदार तहसील क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में नुकसान हुआ है. छेनागढ़ क्षेत्र में बादल फटने और भूस्खलन के कारण आठ लोग लापता हैं, जिनमें चार स्थानीय और चार नेपाली मूल के हैं. लगभग पांच से सात आवासीय भवन जमींदोज हो चुके हैं और कई मवेशी भी आपदा में बह गए हैं. केदारनाथ हाईवे भूस्खलन के कारण बंद है, जिससे यात्री और स्थानीय लोग फंसे हुए हैं. मंदाकिनी नदी विकराल रूप धारण कर बह रही है. जम्मू में तवी नदी पर बने पुल नंबर चार को क्षति पहुंची है, जिसके बाद भारतीय सेना ने युद्ध स्तर पर एक अस्थाई बेली ब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया है. गुरदासपुर और जम्मू संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेना, बीएसएफ, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है. बीएसएफ ने परगवाल में 16 गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट किया है. प्रभावित इलाकों में हजारों फूड पैकेट और राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है.