कांवड़ यात्रा के दौरान देशभर से श्रद्धालुओं की आस्था और समर्पण की विभिन्न तस्वीरें सामने आ रही हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर बुलंदशहर की ओर बढ़ रहे एक प्रेमी जोड़े ने विवाह की मन्नत पूरी करने के लिए एक साथ 111 लीटर जल की कांवड़ उठाई है। वहीं, सुल्तानगंज से बाबा बैधनाथ धाम के लिए बिच्छू के आकार में हाथों के बल यात्रा कर रहे श्रद्धालु राजकुमार अपनी कठिन तपस्या से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, धनबाद के अजय विश्वकर्मा 18 किलो वजनी डमरू के आकार की कांवड़ लेकर यात्रा कर रहे हैं, जबकि पटना से 600 श्रद्धालुओं का जत्था 54 किलो चांदी से निर्मित 54 फीट लंबी कांवड़ लेकर देवघर के लिए निकला है। प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट पर छात्र पैरों में घुंघरू बांधकर कांवड़ यात्रा में शामिल हुए हैं। इसके साथ ही, सहारनपुर में एक परिवार अपनी बुजुर्ग मां को कांवड़ में बैठाकर यात्रा करा रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश के दीनदयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन पर सुल्तानगंज और देवघर जाने वाले शिव भक्तों का भारी जमघट देखा जा रहा है।