कहते हैं इंसान की अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती. भागलपुर के कमल किशोर मंडल ने इसे साबित कर दिखाया है. किशोर ने कामयाबी की वो कहानी लिखी है कि हर कोई उनका लोहा मान रहा है. ये कामयाबी इसलिए बड़ी है क्योंकि जिस कॉलेज में कमल किशोर चौथी श्रेणी के कर्मचारी थे उसी कॉलेज में अब वो असिस्टेंट प्रोफेसर बन चुके हैं.
Kamal Kishore who was working as a guard at Tilka Manjhi Bhagalpur University, will soon be seen teaching students here, as he has been selected for the post of assistant professor.