उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन पर्व से पहले नौ दिवसीय शिव नवरात्रि का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ किया जा रहा है. इस विशेष अनुष्ठान के आठवें दिन भगवान महाकाल का 'उमामहेश' स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया, जिसमें माता पार्वती महादेव की गोद में विराजमान नजर आती हैं. नौवें दिन बाबा के 'शिव तांडव' स्वरूप के दर्शन हुए, जिसमें वे भस्म, सर्पमाला और भांग से सुसज्जित उग्र व मनमोहक रूप में दिखाई दिए. यह कार्यक्रम शिव और शक्ति के अटूट प्रेम और उनके आध्यात्मिक मिलन का प्रतीक है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महादेव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था, जिसे महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है. इस अवसर पर देश भर से श्रद्धालु बाबा के इन दिव्य स्वरूपों के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं.