भारत चंद्रमा पर पहुंच गया है और अब हर दिन एक नए सपने को साकार किया जा रहा है. सपना मुंबई के छात्रों ने भी देखा, जो नए साल पर पूरा हो गया. ISRO ने बड़ी उड़ान भरी, जो इन छात्रों के हौसले को सातवें आसमान में ले गई. मुंबई के केजे सोमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के होनहार छात्र जिनके बनाए सैटेलाइट का इस्तेमाल ISRO के PSLV- C58 मिशन में हुआ है. दरअसल इस साल की पहली तारीख को यानी एक जनवरी को इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से XPOSAT यानी X-Ray Polarimeter Satellite को लॉन्च किया. जो अंतरिक्ष में होने वाले रेडिएशन की स्टडी करेगा. इसी सैटेलाइट के एक पेलोड के तौर पर केजे सोमैया आईटी कॉलेज के छात्रों के बनाए सैटेलाइट 'बिलीफसैट-0' को लगाया गया है. सोमैया बिलीफसैट-0 बनाने का मकसद HAMSAT को दोबारा शुरू करना है जिसे 2016 में बंद कर दिया गया था.
A promising student of KJ Somaiya Institute of Technology, Mumbai, whose satellite has been used in ISRO's PSLV- C58 mission. Actually, on the first date of this year i.e. on January 1, ISRO launched XPOSAT i.e. X-Ray Polarimeter Satellite from Satish Dhawan Space Center in Sriharikota.