मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस ने दो ऐसे युवकों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों से अवैध वसूली कर रहे थे. हैरानी की बात यह है कि आरोपियों में एक एलएलबी का छात्र है, जबकि दूसरा एक निजी IT कंपनी में HR मैनेजर है. दोनों सिविल ड्रेस पहनकर वाहन चालकों और राहगीरों को रोकते, दस्तावेजों की जांच के नाम पर पूछताछ करते और कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे पैसे वसूलते थे.
2 फेक पुलिसवाले गिरफ्तार-
मामला शाहपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां लोगों को दोनों युवकों की गतिविधियों पर शक हुआ. जब उनसे पुलिस का पहचान पत्र (आईडी कार्ड) दिखाने के लिए कहा गया तो वे कोई वैध पहचान नहीं दिखा सके. शुरुआत में दोनों ने खुद को कोहेफिजा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बताया, लेकिन पूछताछ में उनका दावा झूठा निकला. इसके बाद लोगों ने उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.
एक LLB छात्र, दूसरा IT कंपनी में HR मैनेजर-
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी कार्तिक मिश्रा एलएलबी का छात्र है, जबकि उसका साथी अमान खान एक IT कंपनी में HR मैनेजर के पद पर कार्यरत है. तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक नकली पिस्टल भी बरामद की, जिसका इस्तेमाल लोगों को डराने और खुद को असली पुलिसकर्मी साबित करने के लिए किया जाता था.
चालान का डर दिखाकर करते थे वसूली-
एडिशनल डीसीपी अनिल शर्मा के मुताबिक, आरोपी शहर के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय रहते थे. वे वाहन चालकों और आम लोगों को रोककर खुद को पुलिसकर्मी बताते, दस्तावेजों की जांच के बहाने पूछताछ करते और चालान या कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर नकदी वसूल लेते थे. कई लोग उनके झांसे में आकर पैसे भी दे चुके थे. प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि दोनों कब से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे, कितने लोगों से वसूली की गई और क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं.
पुलिस की नागरिकों से अपील-
पुलिस की अपीलभोपाल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताकर अवैध रूप से पैसे मांगता है या उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगती हैं, तो तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें. फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है.
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