Bhopal News: पिता बना हैवान! जमीन में दबे खजाना के अंधविश्वास में ले ली अपनी मासूम बेटी की जान

भोपाल में जमीन में दबे खजाने के अंधविश्वास में एक पिता अपनी ही नाबालिग बेटी की जान ले ली है. उसने बेटी की हत्या कर शव खेत में दफना दिया था. फिर खुद बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. 

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gnttv.com
  • भोपाल,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:37 PM IST

भोपाल (देहात) पुलिस ने जमीन में गड़े धन के लालच में की गई एक दिल दहला देने वाली हत्या का पर्दाफाश किया है. अंधविश्वास और सोना-चांदी मिलने की लालच में एक पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी की हत्या कर दी. आरोपी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पहले अपनी बेटी की डंडे से बेरहमी से पिटाई की, फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. इतना ही नहीं पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को खेत में गड्ढा खोदकर मिट्टी में दफना दिया. मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी पिता को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद कर लिया है, जबकि उसके दो साथियों की तलाश जारी है. पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन व एसडीओपी बिलखिरिया के पर्यवेक्षण में थाना सूखी सेवनिया पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा किया.

रची थी बेटी के अपहरण की झूठी कहानी 
पुलिस के अनुसार 3 अप्रैल 2026 को आरोपी पिता ने स्वयं थाना सूखी सेवनिया पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि खलिहान में सोते समय उसकी नाबालिग पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति उठाकर ले गया है. शिकायत के आधार पर थाना सूखी सेवनिया में अपराध क्रमांक 86/2026 धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की. प्रारंभिक जांच में पुलिस ने बालिका की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला.

एक महीने बाद खेत में मिला कंकाल
लगातार जांच के बीच 7 मई 2026 को बालिका के लापता होने के स्थान से लगभग 200 मीटर दूर एक खेत में मानव कंकाल मिलने की सूचना मिली. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और मर्ग कायम कर जांच शुरू की. फॉरेंसिक साक्ष्य एवं अन्य तकनीकी जांच के माध्यम से कंकाल की पहचान लापता बालिका के रूप में की गई. इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच को आगे बढ़ाया.

पिता भी हुआ लापता तो गहराया संदेह
इसी दौरान बालिका का पिता भी अचानक घर से गायब हो गया. उसके लापता होने पर गुमशुदगी दर्ज कर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की. दूसरी ओर मृतिका की मां ने अपने पति के व्यवहार पर संदेह व्यक्त किया. पुलिस ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ, तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन, मुखबिरों की सूचना और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच तेज कर दी.

विदिशा से गिरफ्तार हुआ आरोपी
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को आरोपी पिता को विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र से तलाश कर हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान पहले तो आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरा सच उगल दिया.

गड़े धन के अंधविश्वास ने ले ली मासूम की जान
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह गड़े हुए धन (सोना-चांदी) को निकालने के अंधविश्वास में फंस गया था. कुछ लोगों ने उसे विश्वास दिलाया था कि विशेष पूजा और मानव बलि देने से जमीन में दबा खजाना प्राप्त हो जाएगा. इसी अंधविश्वास के चलते उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अपनी ही नाबालिग पुत्री की डंडे से बेरहमी से पिटाई की और बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. वारदात के बाद तीनों ने शव को खेत में गड्ढा खोदकर मिट्टी में दफना दिया ताकि किसी को घटना की भनक न लगे.

इस हत्याकांड के खुलासे में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा थाना सूखी सेवनिया पुलिस एवं साइबर सेल भोपाल (देहात) की संयुक्त टीम ने किया. कार्रवाई में थाना प्रभारी रामबाबू चौधरी, उप निरीक्षक सीएल यादव, सहायक उप निरीक्षक राजेश दण्डोतिया सहित थाना स्टाफ तथा साइबर सेल के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. एसपी देहात पंकज कुमार पांडे ने बताया कि ये घटना थाना सुखी सेवनिया की है. आरोपी पिता ने गड़े खजाने की लालच में बेटी की हत्या की. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले का खुलासा किया ओर आरोपी पिता को जेल पहुंचाया.

(भोपाल से धर्मेंद्र साहू की रिपोर्ट)


 

 

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