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Chhindwara: किसी ने ऑटो बेचकर तो किसी ने कर्ज लेकर कराया बेटे का इलाज, कफ सिरप से जान गंवाने वाले बच्चों की फैमिली का दर्द

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में Coldrif कफ सिरप से मरे उसैद के पिता ऑटो चलाते हैं. उन्होंने ऑटो बेचकर बेटे का इलाज कराया. लेकिन उसके बाद भी उसकी जान नहीं बच पाई. उधर, अदनान के पिता ग्राहक सेवा केंद्र चलाते हैं. उनकी आर्थिक हालत बहुत ही खराब है.

Chhindwara Coldrif Tragedy
gnttv.com
  • छिंदवाड़ा,
  • 06 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में Coldrif कफ सिरप से बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया है. कई बच्चों की फैमिली ने इलाज के लिए सबकुछ दांव पर लगा दिया था, फिर उनकी जान नहीं बच पाई. बच्चों की मौत से परिवार के लोग टूट गए हैं. 

इलाज के लिए ऑटो बेचा- पिता
3 साल 11 महीना का उसैद भी उन मासूमों में शुमार है, जिसकी मौत जहरीली कफ सिरप से हो गयी. उसैद के ऑटो चालक पिता यासीन ने बताया कि उसके इलाज में करीब साढ़े 3 लाख रूपये खर्च हुए और उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वो बेटे का डायलिसिस करवा सके, इसलिए उन्हें अपना ऑटो बेचना पड़ा, जिससे पैसे आये और आगे का ट्रीटमेंट करवाया. लेकिन बेटे को नहीं बचा सके. 

डॉक्टर ने Coldrif सिरप लिखा- परिवार
यासीन ने बताया कि उनके बेटे का ट्रीटमेंट डॉक्टर अमन सिद्दीकी से ही होता था और 21 अगस्त को जब उसैद बीमार पड़ा तो वो हर बार की तरह उसे डॉक्टर अमन सिद्दीकी के पास ले गए. जिन्होंने कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखी और उसे पीने के बाद तबीयत और बिगड़ गयी. जिसके बाद उसे पहले छिंदवाड़ा और फिर नागपुर ले गए.

10 अक्टूबर को उसैद का बर्थडे-
उसैद की मां और दादी रोने लगे और बताया कि 4 दिन बाद (10 अक्टूबर को) ही उसैद का जन्मदिन आने वाला था और पूरा परिवार बेहद उत्साहित था, क्योंकि छोटे बेटे का जन्मदिन अगले महीने आता है तो दोनों का केक एक साथ काटते थे. लेकिन अब कैसे जन्मदिन मनाएं. बेटे की बहुत याद आती है. पूरे मोहल्ले का सबसे तंदुरुस्त और लाडला बच्चा था, सब उसे खिलाते थे, लेकिन मुझसे मेरा बेटा छीन लिया. इस दौरान दादी भी रोते हुए बताती हैं कि उनका सब कुछ खत्म हो गया, पोते के जाने के बाद.

किसी ने पीएम कराने की सलाह नहीं दी- पिता
पोस्टमार्टम पर उसैद के पिता ने कहा कि बेटे के जाने पर उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा था. इसलिए पीएम कराने का उस समय ध्यान नहीं रहा. लेकिन प्रशासन से भी किसी ने उन्हें पीएम की सलाह नहीं दी. उन्होंने कहा कि उस समय कोई बोलता तो वो शायद बच्चे का पीएम करवा लेते. लेकिन अब वो पीएम नहीं चाहते.

ग्राहक सेवा केंद्र चलाते हैं अदनान के पिता-
मृतक अदनान के पिता अमीन परासिया में ग्राहक सेवा केंद्र चलाते हैं और आर्थिक रूप से बेहद कमज़ोर हैं. बात करते हुए अमीन रोने लगे और बताया कि अपने हाथों में बच्चे का शव लेकर आये और उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि उनका बच्चा अब नहीं रहा. अमीन ने रोते हुए बताया कि करीब 1 महीने तक उसकी दुकान बंद रही, क्योंकि वो बच्चे के इलाज के लिए नागपुर में थे. लोगों से पैसे उधार मांग कर बच्चे का इलाज करवाया. लेकिन बच्चा नहीं बचा. रोते हुए अमीन ने बताया कि उनके बेटे ने आखिरी बार अपनी मां से यही कहा था कि मुझे बचा लो घर ले चलो. अमीन ने अब मांग की है कि आरोपियों के घर बुलडोजर चलना चाहिए और उनका घर भी टूटना चाहिए. अमीन ने कहा कि वो अपने बच्चे का पोस्टमार्टम नहीं करवाना चाहते थे. इसलिए उन्होंने किसी से इसके बारे में बोला भी नहीं. अदनान के दादा मजीब ने भी आरोपियों को माफिया बताते हुए मांग की है कि उनके घरों पर भी बुलडोज़र चलना चाहिए.

(रविश कुमार की रिपोर्ट)

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