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कौन है कोयला किंग एलबी सिंह, जिनके ठिकानों पर पड़ी ED की रेड, करोड़ों की प्रॉपर्टी फ्रीज

ED ने झारखंड में अवैध कोयला खनन और रंगदारी मामले में बड़ा एक्शन लिया है. धनबाद के मशहूर कोयला कारोबारी एलबी सिंह के 160 करोड़ रुपए से अधिक के म्यूचुअल फंड फ्रीज किए गए. इसके साथ ही करोड़ों रुपए कैश जब्त किए गए. कई कागजात भी ईडी ने जब्त किए.

Dhanbad ED Raid
सिथून कुमार मोदक
  • धनबाद,
  • 30 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:45 PM IST

धनबाद में कोयला चोरी, लेवी वसूली और रंगदारी के मामलों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई कीं है. आउटसोर्सिंग कंपनी के मालिक और कोयला कारोबारी एलबी सिंह के 160 करोड़ रुपये से अधिक के म्यूचुअल फंड को फ्रीज करने के साथ ही 1.02 करोड रुपये नकद जब्त किए हैं. साथ ही विभिन्न कोयला कारोबारियों की 200 से अधिक चल संपत्तियों से जुड़े कागजात भी ईडी के हाथ लगे हैं. 

ED की 31 जगहों पर छापा-
ईडी ने धनबाद में मंगलवार को एक साथ 31 जगहों पर छापेमारी की थी. इनमें मुख्य रूप से अनिल गोयल, एलबी सिंह, झामुमो नेता हरेंद्र चौहान, गणेश यादव, पप्पू मंडल, रोहित यादव और माधो सिंह शामिल हैं. ईडी ने इन लोगों के अलावा इनके सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी. इसके साथ ही ईडी ने यह भी साफ कर दिया है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.

एलबी सिंह के ठिकानों से क्या मिला?
ईडी की ओर से बताया गया है कि छापामारी अभियान के दौरान एलबी सिंह की ओर से म्यूचुअल फंड में किए गए लगभग 160 करोड़ रुपये के निवेश का पता चला और इसके कागजात मिले. जिसे फ्रीज कर दिया गया है. छापामारी अभियान के दौरान एलबी सिंह की ओर से म्यूचुअल फंड में किए गए लगभग 160 करोड़ रुपये के निवेश का पता चला और इसके कागजात मिले. जिसे फ्रीज कर दिया गया है. इसके अलावा 1.02 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी मिली, जिसे जब्त कर लिया गया. इसके अलावा अवैध कोयला कारोबार से जुड़े हुए कई सबूत भी मिले हैं. इनमें 200 से ज्यादा अचल संपत्तियां मिली हैं, जो अपराध से हुई कमाई से खरीदे जाने का ईडी को संदेह है. महत्वपूर्ण जानकारी, डेटा, कई डिजिटल डिवाइस, इन लोगों के मालिकाना हक वाली संस्थाओं के बैंक खाता समेत अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं. 

ED ने क्या बताया?
प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी छापेमारी को लेकर बताया है कि जो कार्रवाई की गई है, वह मुख्य रूप से अवैध रूप से कोयला खनन, कोयला चोरी, तस्करी, कोयला उठाव पर जबरन वसूली, लेवी उगाही और इससे जुड़े अवैध गतविधियां शामिल हैं. ईडी की यह कार्रवाई मनी लांड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत किया गया. जिन जगहों पर तलाशी ली गई, ये उन आरोपित लोगों और उनकी कंपनियों के सहयोगियों, रिश्तेदारों और संस्थाओं से जुड़े थे. पीएमएलए के तहत जांच से पता चला कि इन लोगों ने अपराध करके भारी मात्रा में अपराध से हुई कमाई जमा की थी.

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