राजस्थान के धौलपुर शहर के किराए के फ्लैट में रह रहे एक दंपती ने अलग-अलग कमरों में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है. घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई. सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी और एफएसएल टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाई. सीओ सिटी प्रदीप नेहरा ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है. मामले की गहनता से जांच की जा रही है.
मृतक दंपती 37 वर्षीय बलराम मीणा और उनकी पत्नी 35 वर्षीय सरोज मूल रूप से नादौती (हिंडौन), करौली के मोहनपुर गांव के रहने वाले थे. दोनों पिछले करीब ढाई साल से किराए के एक फ्लैट में रह रहे थे. मृतक युवक यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में बतौर मैनेजर कार्यरत थे. दोनों का एक मासूम बच्चा भी है. इसके अलावा मृतक के बड़े भाई का बेटा (भतीजा) भी उन्हीं के साथ इसी फ्लैट में रहता था.
स्कूल से लौटे बच्चे तो सामने आया मामला
घटना वाले दिन मृतक का मासूम बेटा और भतीजा स्कूल से पढ़कर घर लौटे. जब दोनों ने फ्लैट का दरवाजा खोला तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए. पति और पत्नी दोनों अलग-अलग कमरों में फांसी के फंदे पर लटके हुए थे. बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग एकत्रित हुए और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई. घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी वैभव शर्मा और सीओ सिटी प्रदीप नेहरा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया. टीम ने फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं. पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है.
मौत से पहले लगाया WhatsApp स्टेटस
घटना के संबंध में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. आत्महत्या करने से ठीक पहले मृतक ने अपने WhatsApp स्टेटस पर प्रसिद्ध गाना "हम जिएंगे और मरेंगे ऐ सनम तेरे लिए कि दुनिया याद करे" लगाया था. बलराम मीणा ने मरने से पहले अपने WhatsApp अकाउंट पर तीन स्टेटस लगाए थे. इनमें दो स्टेटस में अपना और पत्नी का फोटो लगाया था. आखिरी स्टेटस में 'अंतिम जोहार' लिखा था. इस स्टेटस को देखकर आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने आपसी सहमति से यह कदम उठाया होगा या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी हो सकता है.
मौके पर मिला नोट, पैसों के लेनदेन का भी जिक्र
मौके पर एक नोट भी मिला है, जिसमें लोगों से पैसों के लेनदेन का हिसाब है. साथ ही उसमें यह भी लिखा है, 'मां मुझे माफ कर देना.' धौलपुर सीओ सिटी प्रदीप नेहरा ने बताया कि मृतक बलराम ने एक डायरी छोड़ी है. उसमें बलराम ने पहले 26 सितंबर को सुसाइड करने का जिक्र किया है. 26 सितंबर को वह दोनों सुसाइड कर रहे थे, लेकिन दोनों बच्चों को घर पर देखकर वह सुसाइड नहीं कर पाए. डायरी में लिखा है कि अब वे थक चुके हैं और जीना नहीं चाहते हैं. बलराम ने लिखा कि वह भाई-बहन के लिए भाई, माता-पिता के लिए बेटा और अपने पुत्र के लिए पिता नहीं बन पाया. बलराम ने नोट में अपने लेनदेन का भी जिक्र किया है.
दोस्तों, भाइयों और मां के लिए भी लिखी बातें
बलराम ने डायरी में तीन दोस्तों और दो भाइयों के साथ मां के लिए अलग-अलग बातें लिखी हैं. दोस्त पुष्पेंद्र को बेटे का ध्यान रखने के लिए लिखा है. बलराम मीणा 21 सितंबर से अपने ऑफिस नहीं गए थे, जिसको लेकर भी पुलिस जांच कर रही है. धौलपुर सीओ सिटी प्रदीप नेहरा ने बताया कि मृतक बलराम का पांच साल का बेटा आरुष है. उनके साथ बड़े भाई का भतीजा भी रहता है. दोनों आज सुबह ही स्कूल पढ़ने गए थे. वहीं, दोपहर 12 बजकर 59 मिनट पर WhatsApp पर तीन अलग-अलग स्टेटस लगाए गए थे. इनमें दो स्टेटस पर अपने और पत्नी के फोटो लगाए थे, जबकि अंतिम स्टेटस पर 'अंतिम जोहार' लिखा था.
पुलिस कर रही मामले की जांच
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस मृतक के परिजनों, पड़ोसियों और दफ्तर के सहयोगियों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किस मानसिक तनाव या पारिवारिक/आर्थिक वजह से दंपती ने अपने मासूम बच्चे को अनाथ छोड़कर यह कठोर कदम उठाया.
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