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लखीमपुर हिंसा: मृतकों के पर‍िजनों को 45 लाख, हाईकोर्ट के रिटायर जज करेंगे केस की पूरी पड़ताल

कृषि कानूनों और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी की टिप्पणी का विरोध कर रहे किसानों और मंत्री के बेटे के बीच रविवार को हिंसक टकराव में आठ लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में बवाल मचा हुआ है. ताजा अपडेट ये है कि किसानों और सरकार के बीच समझौता हो गया है. इसमें सरकार सभी मृतक किसानों के परिजनों को 45-45 लाख रुपये देगी. वहीं घायलों को 10-10 लाख रुपये मिलेंगे. मामले की न्यायिक जांच होगी.

किसानों के शव को रखकर प्रदर्शन करते किसान संगठन के पदाधिकारी
अनिरुद्ध गोपाल
  • नई दिल्ली,
  • 04 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 5:20 PM IST
  • लखीमपुर मामले में आशीष मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज
  • सीएम योगी बोले- दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा
  • चार किसानों समेत घटना में कुल आठ की मौत

यूपी के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में हुई हिंसा के मामले में यूपी सरकार ने सोमवार को मुआवजे का ऐलान किया. सरकार ने मृतकों के पर‍िजनों को 45 लाख रुपये और घायलों को 10 लाख रुपये दिए जाने का ऐलान किया. इसके अलावा हाईकोर्ट के रिटायर जज केस की पूरी पड़ताल करेंगे.

लखीमपुर में रविवार को जबरदस्त बवाल हो गया जब केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा की कार ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारी किसानों को रौंद दिया. इससे 4 किसानों की मौत हो गई. वहीं, इस घटना के बाद भड़की हिंसा में और चार लोग मारे गए. इस पूरे बवाल में कुल 8 लोगों की मौत हो गई है. इस पर सियासत भी तेज भी हो गई है. 

लखीमपुर खीरी में सरकार, प्रदर्शनकारी किसानों की बातचीत सफल
लखीमपुर खीरी में किसानों और सरकार के बीच समझौता हुआ. इसमें सरकार सभी मृतक किसानों को 45-45 लाख रुपये देगी. वहीं घायलों को 10-10 लाख रुपये मिलेंगे.मामले की न्यायिक जांच होगी, इसके अलावा परिवार के 1 सदस्य को सरकारी नौकरी मिलेगी.
 

संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति कोविंद को लिखा पत्र
लखीमपुर खीरी मामले में संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है. इसमें गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को हटाने, उनके बेटे आशीष मिश्रा पर 302 के तहत हत्या का केस दर्ज करने, जांच के लिए SIT के गठन की मांग की गई है. आगे हरियाणा सीएम खट्टर पर हिंसा को भड़काने का आरोप लगाया गया है, कहा गया है कि उनको सीएम पद से हटाया जाना चाहिए.
 

हिरासत में लिए गए अखिलेश यादव
लखनऊ में धरने पर बैठे अखिलेश यादव को भी हिरासत में ले लिया गया है. उनको लखीमपुर खीरी जाने से पुलिस ने रोका था. इसके बाद वह धरने पर बैठ गए थे. अब पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया है. इससे पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को सीतापुर में हिरासत में लिया गया था. वह लखीमपुर खीरी जा रही थीं.
 

प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया 
खीमपुर खीरी में हिंसा भड़कते ही पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए विपक्षी नेता लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गए. हालांकि, उन्हें वहां पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी देर रात लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हुईं, लेकिन उन्हें सीतापुर के हरगांव में हिरासत में ले लिया गया. प्रियंका रात भर यूपी पुलिस को छकाती रहीं. करीब 5 घंटे तक प्रियंका और यूपी पुलिस के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा. 

आशीष मिश्रा के खिलाफ एफआईआर
जानकारी के अनुसार, इस मामले में अजय मिश्रा के बेटे आशीष के खिलाफ तिकोनिया थाने में एफआईआर दर्ज हुई है. बता दें कि आरोप लगाया गया है कि जिस समय किसान प्रदर्शन करने गए थे, उसी वक्त गाड़ी ने उन्हें रौंद दिया. इस दौरान, चार किसानों की मौत हो गई, जबकि हिंसा में कुल आठ लोगों की जान गई है.  

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने इन आरोपों से इनकार किया कि उनके बेटे आशीष मिश्रा गाड़ी चला रहे थे. अजय मिश्रा ने कुछ असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार ठहराया. आजतक/इंडिया टुडे से बात करते हुए अजय मिश्रा ने कहा, "हमारे कार्यकर्ता हमारे मुख्य अतिथि के स्वागत के लिए गए थे और मैं उनके साथ था. उसी समय, कुछ असामाजिक तत्वों ने काफिले पर हमला किया, जिसमें कार का चालक घायल हो गया और उससे संतुलन बिगड़ गया.'' 

उनके बेटे के कार चलाने के आरोपों पर उन्होंने कहा, "कार्यक्रम खुले में आयोजित किया गया था और कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और पुलिस कर्मियों सहित हजारों हजारों लोग मौजूद थे. उन्होंने आगे कहा कि हमारे तीन कार्यकर्ता और एक ड्राइवर की मौत हो गई है और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया. हम भी इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाएंगे. हमारे पास पूरे वीडियो हैं. धारा-302 के तहत जो भी इस मामले में शामिल होगा, उनके मामला दर्ज करवाया जाएगा.  

आशीष मिश्रा ने की मामले की न्यायिक जांच की मांग

केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों को झूठा बताया है. उन्होंने कहा कि मैं कार्यक्रम के अंत तक सुबह नौ बजे से बनवारीपुर में था. मेरे खिलाफ आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और मैं इस मामले की न्यायिक जांच की मांग करता हूं. दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा, ''हमारी 3 गाड़ियां एक कार्यक्रम के लिए उप-मुख्यमंत्री की अगवानी करने गई थीं. रास्ते में कुछ बदमाशों ने पथराव किया,  कारों में आग लगा दी और हमारे 3-4 कार्यकर्ताओं को लाठियों से पीटा.''

सीएम योगी बोले-  दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा
लखीमपुर खीरी में विवाद बढ़ने के बाद वहां इंटरनेट  सेवा भी रोक दी गई है. सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर बयान जारी किया है. सीएम योगी ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. सीएम योगी ने कहा कि इस प्रकार की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. सरकार इस घटना के कारणों के तह में जाएगी तथा घटना में शामिल तत्वों को बेनकाब करेगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करेगी. मौके पर मौजूद आला अधिकारी स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए घटना के कारणों की गहराई से जांच कर रहे हैं. 


घटना में लिप्त जो भी जिम्मेदार होगा, सरकार उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी. क्षेत्र के सभी लोगों से अपील है कि वे अपने घरों पर ही रहें और किसी के बहकावे में बहकावे में न आएं, मौके पर शांति व्यवस्था कायम रखने में अपना योगदान दें. किसी प्रकार के निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मौके पर हो रही जांच तथा कार्यवाही का इंतजार करें. 
 

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