प्रांतिज तालुका के लिमला गांव के पास 2 दिन पहले एक कार में IIFL फाइनेंस के माणसा ब्रांच मैनेजर भरत चौधरी की लाश मिली थी. जिसकी गुत्थी प्रांतिज पुलिस ने चंद घंटो में सुलझा ली है. पुलिस जांच में सामने आया है कि 6 लाख रुपए के लोन की किस्त न भरनी पड़े और गिरवी रखा सोना वापस मिल जाए, इसके लिए प्रेमी-प्रेमिका ने मिलकर इस हत्या की साजिश रची थी. पुलिस ने इस मामले में एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका प्रेमी अभी फरार है और उसे पकड़ने की कोशिश जारी है.
कार में मिली थी मैनेजर की लाश
पुलिस ने बताया कि माणसा IIFL फाइनेंस शाखा के ब्रांच मैनेजर भरत चौधरी 2 सितंबर को अचानक लापता हो गए थे. बाद में लिमला गांव से वडवासा जाने वाले रास्ते पर उनकी कार में उनकी लाश मिली, जिसके गले पर धारदार हथियार से वार किए गए थे. प्रांतिज पुलिस ने तकनीकी स्रोतों और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच तेज की तो आरोपी भावना उर्फ भावू ठाकोर और उनके प्रेमी योगेश ठाकोर के नाम सामने आए. पुलिस ने भावना को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरी साजिश का खुलासा हुआ.
ऐसे बनाई थी हत्या की योजना
जांच में पता चला है कि भावना ने 1.50 लाख रुपए और उसके प्रेमी योगेश ने 4.50 लाख रुपए, यानी कुल 6 लाख रुपए का लोन IIFL से लिया था. लोन की किस्तें न चुकानी पड़ें और गिरवी रखे सोने के गहने भी वापस मिल जाएं, इसी इरादे से दोनों ने मैनेजर की हत्या की योजना बनाई थी. योजना के अनुसार, भावना ने मैनेजर भरत को फोन करके पैसे देने के बहाने प्रांतिज बुलाया था. इसके बाद योगेश मैनेजर को अपनी कार में माणसा से साथ ले आया और वडवासा के पास पहुंचते ही कार के अंदर ही धारदार हथियार से उनके गले पर गंभीर चोट पहुंचाकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी.
और गड्ढे में फंस गई कार
हत्या के बाद आरोपियों का इरादा लाश और कार को किसी सुनसान जगह पर ठिकाने लगाने का था. इसके लिए कार को लिमला की ओर ले जाया गया, लेकिन रास्ते में कार को रिवर्स करते समय वह सड़क के किनारे बने एक गड्ढे में फंस गई. कार के गड्ढे से बाहर न निकल पाने पर पकड़े जाने के डर से दोनों आरोपी लाश और गाड़ी को वहीं मौके पर छोड़कर फरार हो गए. पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला और पुरुष आपस में सात साल से प्रेमी-प्रेमिका हैं. फिलहाल प्रांतिज पुलिस ने भावना को गिरफ्तार कर लिया है और फरार आरोपी योगेश को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर कार्रवाई शुरू कर दी है.