चलती ट्रेन में टिकट जांच के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बिना वैध टिकट यात्रा कर रही एक महिला यात्री ने महिला टीटीई के साथ मारपीट कर दी. यह घटना हजरत निजामुद्दीन-एर्नाकुलम मंगला एक्सप्रेस में ग्वालियर और वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी रेलवे स्टेशन के बीच हुई. यात्रियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ, जबकि ट्रेन के झाँसी पहुंचते ही आरोपी महिला को जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया. घटना के बाद रेलवे के टिकट जांच स्टाफ में नाराजगी देखी गई और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे.
महिला TTE से मारपीट-
बुधवार दोपहर मंगला एक्सप्रेस के एस-2 कोच में ड्यूटी पर तैनात महिला टीटीई अंजली प्रजापति नियमित टिकट जांच कर रही थीं. इसी दौरान उन्हें एक महिला यात्री बिना वैध टिकट यात्रा करती मिली. टीटीई ने नियमानुसार उससे टिकट दिखाने अथवा नया टिकट बनवाने का अनुरोध किया और आवश्यक प्रक्रिया समझाई. बताया जाता है कि शुरुआत में महिला ने टिकट बनवाने की बात कही. लेकिन कुछ ही देर बाद बातचीत के दौरान उसका व्यवहार अचानक बदल गया. मामूली कहासुनी देखते ही देखते विवाद में बदल गई और महिला यात्री ने टीटीई के साथ अभद्रता करते हुए उनके बाल पकड़ लिए और हाथापाई शुरू कर दी.
मुसाफिरों ने मारपीट का वीडियो बनाया-
घटना से कोच में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया. कई यात्रियों ने तत्काल बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया, जबकि कुछ लोगों ने पूरी घटना अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली. घटना का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है.
आरोपी महिला को पकड़ लिया गया-
सूचना मिलते ही रेलवे का टिकट जांच स्टाफ, आरपीएफ और जीआरपी अलर्ट हो गए. जैसे ही मंगला एक्सप्रेस वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी रेलवे स्टेशन पहुंची, महिला आरक्षियों ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर जीआरपी के सुपुर्द कर दिया. इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने घटना से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई शुरू की.
घटना से रेलवे कर्मचारियों में नाराजगी-
झाँसी जीआरपी के क्षेत्राधिकारी सलीम खान के अनुसार, महिला टीटीई की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई. हाथापाई के दौरान टीटीई का हैंड हेल्ड टर्मिनल भी गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया. चूंकि घटना ग्वालियर और झाँसी के बीच हुई थी, इसलिए अधिकार क्षेत्र को देखते हुए झाँसी जीआरपी ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला आगे की विवेचना और कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी ग्वालियर को भेज दिया है. आरोपी महिला को भी आवश्यक प्रक्रिया के तहत ग्वालियर जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया.
घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों में नाराजगी है. उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान टिकट जांच स्टाफ को कई बार ऐसे तनावपूर्ण हालात का सामना करना पड़ता है, इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए और प्रभावी इंतजाम किए जाने की आवश्यकता है.
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