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'हैलो... मैं शादी के लिए रिश्ता देख रही हूं...', फिर व्हाट्सअप पर एक तस्वीर... खूबसूरत शातिर दुल्हनों के किस्से

यूपी के झांसी में पुलिस ने 9 महिलाएं और 2 पुरुषों को गिफ्तार किया है. ये गिरोह शादी के लिए न्यूज पेपर में विज्ञापन देने वाले युवकों को शिकार बनाता था और उनसे पैसे वसूलता था. इस गिरोह की महिलाएं युवकों को जाल में फंसाने के लिए अश्लील बातें भी करने से गुरेज नहीं करती थीं.

Jhansi News
प्रमोद कुमार गौतम
  • झांसी,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 1:58 PM IST

उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस ने पिछले 3-4 साल से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया. पुलिस से 9 महिलाएं और 2 पुरुषों को गिरफ्तार किया है. ये गिरोह न्यूज पेपर में शादी के लिए निकलने वाले विज्ञापन पर नजर रखता था और शादी की ख्वाहिश रखने वाले लोगों को निशाना बनाता था. दोनों पुरुष आरोपी छत्तीसगढ़ से झांसी आए और गिरोह चला रहे थे. महिलाएं AI से तस्वीर बनाकर लड़कों को भेजती थी और अपने जाल में फंसाती थी. लेकिन पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है.

फर्जी शादी गिरोह का पर्दाफाश-
झांसी की नवाबाद थाना पुलिस और साइबर क्राइम टीम को पिछले काफी समय से फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर चलने की शिकायत मिल रही थी. टीम ने संयुक्त रुप से छानबीन की और राय कॉलोनी में रहने वाले सुनील राय के घर पर छापा मारा, जहां शादी संस्था डॉट कॉम से कॉल सेंटर चल रह था. 

26 मोबाइल, मैक बुक, जेवरात भी बरामद-
पुलिस ने मौके से 9 महिलाए और दो पुरुषों को पकड़ा. पुलिस ने 26 मोबाइल, एप्पल कम्पनी का मैक बुक, बड़ी संख्या में रजिस्टर और दूसरे सामान बरामद किए. इसके अलावा उनके पास से सोने-चांदी के जेवरात भी मिले हैं. रजिस्टरों की जब जांच की गई तो उसमें 41 लाख का लेन-देन दर्शाया गया है.

पकड़े गए दोनों आरोपी दोस्त-
पकड़े गए मुख्य आरोपियों ने अपना नाम सोहिल साहू और हलधर साहू बताया. दोनों छत्तीसगढ़ के जांजगीर के नवा तालाब पारा रहने वाले हैं. दोनों दोस्त हैं और उन्होंने इस काम को छत्तीसगढ़ में सीखा था. इसके बाद झांसी में आकर आकांक्षा नाम की महिला से सम्पर्क किया और उसे पार्टनर बना लिया. इसके बाद उन्होंने अन्य महिलाओं को जोड़ा और शादी संस्था डॉट कॉम नाम से कॉल सेंटर बना लिया.

कैसे ठगी करती थीं महिलाएं? 
इस कॉल सेंटर में करने वाली महिलाएं उन पुरुषों को अपना शिकार बनाती थी, जिनकी उम्र 40 पार होती और उनकी शादी नहीं होती थी. इसके लिए न्यूज पेपर में शादी कराने के लिए विज्ञापन निकलवाने वाले पुरुषों का डेटा तैयार करती थी. जब डेटा तैयार हो जाता था तो फिर उन्हें मोबाइल से बात करते हुए उनकी पंसद के अनुसार AI से महिला की फोटो बनाकर उनको भेजती थीं. महिलाएं खुद उन पुरुषों से बात करती थी और उनको अपने जाल में फंसा लेती थीं. वह बातचीत की रिकॉर्डिंग अपने पास रखती थी, जबकि कोई पुरुष शादी के लिए दवाब बनाता था. उसे रिकॉर्डिंग भेजकर रुपए मांगती थीं.
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. गिरोह की 9 लड़कियां झांसी की रहने वाली हैं. जबकि 2 पुरुष छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं. 2 महिलाएं दूसरी लड़कियों को ट्रेनिंग देती थी और फिर शिकार को अपने जाल में फंसाती थीं.

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