उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस की बड़ी फजीहत हुई. एनकाउंटर में पकड़े गए चोरी के आरोपी को लेकर सुबह तक पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद वही आरोपी पुलिस कस्टडी से फरार हो गया और पूरे महकमे में हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि आरोपी को मेडिकल टेस्ट के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था. आरोपी अस्पताल परिसर से ही फरार हो गया. अब पुलिस शहर में सर्च ऑपरेशन चला रही है.
एनकाउंटर में पुलिस ने पकड़े थे 2 चोर-
शहर कोतवाली पुलिस ने रविवार देर रात नगरिया कुआं रोड के पास मुठभेड़ के दौरान चोरी के 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इनसे करीब 6 लाख रुपये के जेवरात, अवैध तमंचे, कारतूस और एक बाइक बरामद हुई थी. गिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश के दतिया जिले के हरदौल मोहल्ला का रहने वाला 19 साल का नदीम और ग्वालियर के गणेशपुरा का रहने वाला दीपक शामिल था. उनका एक तीसरा साथी मौके से भाग निकला था.
अस्पताल कैंपस से फरार हुआ आरोपी-
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर सोमवार को मेडिकल परीक्षण के लिए झांसी के जिला अस्पताल भेजा था. इसी दौरान आरोपी नदीम ने मौका पाकर पुलिस को चकमा दे दिया और अस्पताल परिसर से फरार हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और तत्काल आसपास के इलाके में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. मौके पर पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी लक्ष्मीकांत गौतम सहित कई पुलिस टीमें पहुंच गईं और फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई.
ऑटो वाले को भी दिया झांसा-
फरार होने के बाद आरोपी ने शहर से निकलने की कोशिश भी की. इस दौरान आरोपी एक ऑटो चालक को झांसा देकर उसकी गाड़ी में बैठ गया. ऑटो चालक अमित कुशवाहा के मुताबिक, युवक जिला अस्पताल की ओर से दौड़ता हुआ आया और उसने दतिया गेट चलने के लिए कहा. युवक ने बताया कि उसकी मां की तबीयत बहुत खराब है और जल्दी पहुंचना जरूरी है. किराया 150 रुपये तय होने पर अमित उसे लेकर चल पड़ा.
रास्ते में युवक ने कहा कि उसकी मां की हालत ज्यादा खराब है, इसलिए वह यहीं उतर रहा है और आगे मिल जाएगा. किराए को लेकर थोड़ी बातचीत हुई और फिर 50 रुपये देकर वह तेजी से वहां से गया. कुछ देर बाद पुलिस ने ऑटो चालक को बुलाकर बताया कि जिस युवक को उसने बैठाया था, वह पुलिस कस्टडी से फरार कैदी था. अमित ने बताया कि युवक के हाथ में हथकड़ी नहीं थी, इसलिए उसे सामान्य यात्री समझकर गाड़ी में बैठा लिया.
चोरी के आरोप में पकड़ा गया था-
यह पूरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र में हुई दो चोरी की घटनाओं से जुड़ा है. 22 फरवरी 2026 को देव विहार स्थित पलक पैलेस में और 12 मार्च 2026 को मेवातीपुरा मोहल्ले के एक घर में चोरी की वारदात हुई थी. इन मामलों में कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस की दो टीमें गठित की गई थीं.
15 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि इन वारदातों में शामिल बदमाश नगरिया कुआं रोड के आसपास फिर से चोरी की फिराक में घूम रहे हैं. सूचना पर पुलिस ने इलाके में चेकिंग शुरू कर दी. इसी दौरान एक बाइक पर तीन संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए. पुलिस के रुकने के इशारे पर उन्होंने भागने की कोशिश की और घेराबंदी होने पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी.
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया, जबकि उनका एक साथी मौके से भाग निकला. गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो अवैध तमंचे, 315 बोर, दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस, एक बाइक, 24 बिछिया, लक्ष्मी-गणेश की दो मूर्तियां, छह पायल, एक कान का टप्स, दो झुमकी, पांच अंगूठियां, 6 हजार रुपये नकद और एक लोहे की रॉड बरामद हुई थी.
घटना के बाद थाना कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपी नदीम मेडिकल के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया है. उसकी तलाश के लिए कई टीमें लगा दी गई हैं और आसपास के क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
(अजय झा की रिपोर्ट)
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