राजस्थान में एक डॉक्टर की लापरवाही की हद सामने आई है. यहां एक मरीज के दाएं की जगह बाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया गया है. जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में एक वृद्धा के जिस पैर का आपरेशन करना था उसकी जगह दूसरे पैर का ऑपरेशन करने के मामले में आखिरकार सरकार ने एक्शन ले लिया है. चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देश पर डॉ एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीएस जोधा ने आर्थोपेडिक विभाग के सहआचार्य डॉ. रामाकिशन चौधरी को मेडिकल कॉलेज से कार्यमुक्त कर चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए रिलीव कर दिया है. प्राचार्य डॉ. जोधा ने बताया कि इस मामले की एमडीएम अस्पताल में हुई जांच में सहआचार्य की पर्यवक्षीय लापरवाही उजागर हुई थी. इसके बाद उन्हें जयपुर रिलीव कर चिकित्सा शिक्षा विभाग ग्रुप-1 में अपनी उपस्थिति देने के आदेश जारी किए हैं.
की गई कार्रवाई
एक मारपीट के मामले में घायल हुई वृद्धा चंपादेवी (66) एमडीएम अस्पताल में भर्ती हुई थी. गत 27 अप्रैल को उनके बाएं पैर की जगह दाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया गया था. यह मामला सामने आया तो अस्पताल प्रशासन ने एक जांच कमेटी गठित कर जांच करवाई थी. इसकी रिपोर्ट पर डॉक्टर को हटाने की कार्रवाई की गई है.
पहले बताई गफलत, फिर कहा दो ऑपरेशन की थी जरूरत
चंपा देवी के दोनों पांवों में फ्रैक्चर थे. अस्पताल में भर्ती होने के बाद प्लास्टर किया गया. डॉक्टर के मुताबिक एक ही पांव में ऑपरेशन की दरकार थी. जिसके तहत दाएं पैर का ऑपरेशन होना था लेकिन बाएं पैर का ऑपरेशन कर दिया गया. यह मामला मीडिया आने पर जांच कमेटी बनाई गई थी. हालांकि पहले यह बताया गया कि गफलत में ऑपरेशन हो गया. डॉ. रामकिशन ने बताया कि महिला के दोनों पैर में फ्रैक्चर थे, दोनों के ऑपरेशन होने थे. हमने बारी-बारी किए थे.
कमेटी ने बताई लापरवाही फिर हुआ एक्शन
एमडीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया कि मामले कि जांच के लिए कमेटी में डॉ. गणपत चौधरी, डॉ. अरविंद चौहान, डॉ. चंद्रा खत्री, डॉ. समता व डॉ. रामनिवास बिश्नोई को शामिल किया गया. कमेटी ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) की पालना नहीं होने का मामला माना. पूरी रिपोर्ट प्राचार्य को कार्रवाई के लिए भेज दी गई.
(अशोक शर्मा की रिपोर्ट)