कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की कहानी जितनी उलझती जा रही है, उतने ही चौंकाने वाले सबूत सामने आ रहे हैं. 63 वर्षीय कारोबारी की बेरहमी से हत्या के बाद अब पुलिस को बहू शालू और कथित सुपारी किलर विशाल गौतम के बीच डिलीट किए गए 49 मैसेज मिले हैं. पुलिस अब तकनीकी मदद से इन संदेशों को रिकवर करने की कोशिश कर रही है. जांच टीम को शक है कि इन्हीं डिलीट चैट में हत्या से पहले की बातचीत और कथित साजिश की अहम कड़ियां छिपी हो सकती हैं.
मामले में एक और बात ने पुलिस का ध्यान खींचा है. जांच के मुताबिक 1 मई से हत्या वाले दिन तक शालू और विशाल के बीच करीब 309 बार कॉन्टेक्ट हुआ. इनमें सामान्य फोन कॉल के साथ व्हाट्सऐप कॉल भी शामिल बताई जा रही हैं. अब पुलिस तारीख और समय के हिसाब से इस संपर्क की पूरी कड़ी जोड़ रही है.
49 मैसेज क्यों बने पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल?
मोबाइल की जांच में सामने आए डिलीट मैसेज इस केस की सबसे अहम कड़ियों में शामिल हो गए हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इन संदेशों में क्या बातचीत हुई थी. अगर चैट रिकवर होती है तो जांच टीम यह जान सकती है कि हत्या की कथित योजना कब बनी, दोनों के बीच किस मुद्दे पर बातचीत हुई, वारदात से पहले कोई निर्देश दिए गए या नहीं और घटना के बाद भी दोनों के बीच संपर्क हुआ था या नहीं. डिजिटल फॉरेंसिक के जरिए डिलीट डेटा के बचे हुए हिस्सों को हासिल करने की कोशिश की जा रही है. यही वजह है कि फिलहाल पुलिस की नजर इन 49 संदेशों पर टिकी है.
309 बार फोन... आखिर इतनी बातचीत क्यों?
पुलिस की जांच में 1 मई से वारदात वाले दिन तक दोनों के बीच करीब 309 संपर्क सामने आने की बात कही जा रही है. अब सिर्फ यह संख्या ही नहीं, बल्कि किस दिन कितनी बार कॉल हुई, किस समय हुई और कितनी देर चली, इसका भी विश्लेषण किया जा रहा है. जांच टीम यह भी देख रही है कि हत्या के करीब आते-आते दोनों के बीच संपर्क बढ़ा था या नहीं. अगर कॉल पैटर्न में अचानक बदलाव मिलता है तो वह भी जांच के लिए अहम सुराग हो सकता है.
CCTV ने बदली जांच की दिशा
हत्या के बाद पुलिस ने रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. इसी दौरान गैलरी के कैमरों में कारोबारी का पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसका साथी राजकिशोर फ्लैट की तरफ आते-जाते दिखाई दिए. यहीं से पुलिस का शक विशाल पर गया. वह पहले कारोबारी के यहां काम कर चुका था, इसलिए पुलिस ने उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की. इसके बाद उसके मोबाइल और कॉल रिकॉर्ड की जांच हुई और कथित तौर पर शालू से संपर्क की कड़ी सामने आई.
हत्या के बाद रोती दिखी थी बहू
विनीत की हत्या के बाद सामने आए वीडियो में शालू रोती हुई नजर आई थीं. घर में मातम का माहौल था. बाहर से देखने पर परिवार के लोग सदमे में दिखाई दे रहे थे. लेकिन पुलिस ने भावनात्मक दृश्यों के बजाय CCTV, मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई. जैसे-जैसे डिजिटल कड़ियां जुड़ती गईं, पुलिस की जांच कथित तौर पर शालू और विशाल के संपर्क तक पहुंच गई.
मुठभेड़ में पकड़े गए विशाल और राजकिशोर
पुलिस ने CCTV और अन्य सुरागों के आधार पर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर की तलाश शुरू की. दोनों को रविवार देर रात पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक दोनों के पैर में गोली लगी. पूछताछ के बाद पुलिस ने दावा किया कि दोनों ने कारोबारी की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की है और बहू शालू के कहने पर वारदात करने की बात बताई है. हालांकि पुलिस अब हत्या की वजह और कथित साजिश की पूरी कड़ी को जांच रही है.
26 से ज्यादा वार... फ्लैट में अकेले थे कारोबारी
विनीत मिनोचा कल्याणपुर के इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर C-104 में रहते थे. पुलिस के मुताबिक शनिवार देर रात उनकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई. हत्यारों ने उन पर 26 से ज्यादा वार किए. वारदात के वक्त विनीत फ्लैट में अकेले थे. रविवार सुबह करीब चार बजे बेटा और बहू पार्टी से लौटे, तब हत्या का पता चला. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.
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