एयर होस्टेस से की लव मैरिज, 15 बीघा जमीन बेच दी.. पढ़ाई के लिए किडनी बेचने का दावा करने वाले आयुष का सच

कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट कांड में आयुष सुर्खियों में आया था. आयुष ने डॉक्टर बनने के लिए अपनी किडनी बेचने की बात कही थी. लेकिन अब कुछ और ही सच सामने आया है. आयुष बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है. उसने एयर होस्टेस से शादी की थी. उसने अपनी 15 बीघा जमीन बेच दी और पैसे दोस्तों पर उड़ा दिए.

Ayush
gnttv.com
  • बेगूसराय,
  • 07 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:37 PM IST

कानपुर में किडनी कांड में पीड़ित के तौर पर सामने आने वाले आयुष की कहानी अलग है. आयुष बिहार के बेगूसराय का रहने वाला है. उसकी पढ़ाई के लिए किडनी बेचने की कहानी सामने आई थी. लेकिन अब उस कहानी में ट्विस्ट आ गया है. दरअसल आयुष ने एयर होस्टेस से प्रेम विवाह किया था. प्यार के लिए उसने अपने हिस्से की 15 बीघा जमीन भी बेच दी थी. इसके बावजूद भी उसकी शादी चल नहीं पाई थी.

एयर होस्टेस से की थी लव मैरिज-
डॉक्टर बनने के लिए किडनी बेचने वाले आयुष की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. आयुष जहां एयर होस्टेस से लव मैरिज की थी,  लेकिन जल्द ही शादी टूट गई. उसके पिता ने साल 2017 में बेटे के कारतूत की वजह से आत्महत्या कर ली थी. इतना ही नहीं, आयुष ने अपने हिस्से की 15 बीघा जमीन भी गांव में बेचकर खर्च कर चुका है. हालांकि आयुष 2021 के बाद वापस अपने गांव कभी नहीं लौटा. 

पढ़ाई के लिए किडनी बेचने की बात कही थी-
दरअसल आयुष ने कानपुर में डॉक्टर बनने के लिए किडनी बेचने की शिकायत पुलिस से की थी. जिसके बाद से वह पूरे देश में सुर्खियों में आ गया था. दरअसल आयुष बेगूसराय जिले के भगवानपुर प्रखंड के औगान गांव का रहने वाला है. हालांकि 2021 के बाद वह कभी वापस अपने गांव नहीं लौटा है.

बेच दी थी 15 बीघा जमीन-
आयुष ने अब तक जो पूरी कहानी बताई वह सच नहीं है. वह न तो एमबीए का स्टूडेंट है और न ही गरीबी के कारण उसकी जमीन गिरवी रखी हुई है. बल्कि आयुष ने अपने पिता की मौत के बाद अपने हिस्से के 15 बीघा जमीन बेच दी है. बीते 5 साल से वह गांव भी नहीं गया है. गांव में उसकी विधवा मां रीता देवी कैसे खा रही है, कैसे रह रही है, इससे उसे कोई मतलब नहीं है. गांव के लोग भी आयुष का नाम तक सुनना नहीं चाहते हैं. इसके गलत संगत के कारण ही पिता ने भी आत्महत्या कर ली थी.

पढ़ाई के लिए पिता ने भेजा था विशाखापट्टनम-
दरअसल औगान गांव के रहने वाले राजेश चौधरी अच्छे जमींदार थे और अपने दोनों बेटे आयुष और रिसव को पढ़ा लिखा कर बड़ा आदमी बनना चाहते थे. साल 2015 में आयुष ने जब प्रथम श्रेणी से इंटर पास किया तो पिता उसे डॉक्टर बनना चाहते थे और विशाखापट्टनम के चैतन्य इंस्टीट्यूट में एडमिशन कराया. सोचा था कि बेटा तैयारी करके नीट पास कर लेगा. 

पिता ने की थी खुदकुशी-
वहां पर आयुष को साथ में ही पढ़ाई करने वाली मटिहानी थाना क्षेत्र की एक लड़की से प्यार हो गया. पढ़ाई से उसका ध्यान भटक गया और वह पढ़ने में मन लगाने के बदले बराबर घर आने लगा. यहां दोस्तों की संगति में पढ़कर नशेबाजी भी करने लगा था. साल 2017 में उसकी आदत से परेशान होकर पिता राजेश चौधरी ने आत्महत्या कर ली तो आयुष और फ्री हो गया. पिता की मौत के दो-तीन महीने बाद उसने जमीन बेचनी शुरू कर दी. जमीन बेचकर उसने दोस्तों पर जमकर खर्च किए. 

एयर होस्टेस से हो गया प्यार-
गांव में कहता था कि वह देहरादून में रहकर पढ़ाई कर रहा है. इसी दौरान उसे यूपी की रहने वाली एक एयर होस्टेस से प्यार हो गया. 2018 में उसे अपने साथ गांव ले आया. यहां जब वह 15-20 दिन लड़की के साथ रहा तो आस-पास के लोगों ने शादी करने का दबाव बनाया. जिसके बाद आयुष ने अपनी प्रेमिका दीपा के साथ देवघर में जाकर शादी किया, फिर गांव आकर रहने लगा. शादी के 3 महीने तक गांव में रहने के दौरान आयुष ने जमकर जमीन बेचा और दोस्तों के साथ खूब खर्च किया. 

फिर प्रेमिका से पत्नी बनी लड़की जब यहां से भागी तो वापस नहीं आई. 2021 में वह गांव आया तो रहना चाहा, लेकिन छोटे भाई रिसव ने घर में रखने और खाना देने से इनकार किया. फिर वह बाहर गया तो आज तक उसका किसी से कोई मतलब नहीं रहा. छोटा भाई रिसव अपनी पत्नी के साथ गांव से बाहर ही रहता है. घर में अकेली विधवा मां रीता देवी रहती है.

(सौरभ कुमार की रिपोर्ट)

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