मध्य प्रदेश के कटनी में पदस्थ सीएसपी नेहा पच्चीसिया मुश्किल से घिरी नजर आ रही हैं. CSP नेहा पच्चीसिया अपनी कार्यप्रणाली के चलते एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. नेहा पच्चीसिया पर एक ट्रांसपोर्टर से अवैध वसूली का आरोप लगाया है. जिसकी शिकायत के बाद कटनी एसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीएसपी नेहा पच्चीसिया के ड्राइवर को सस्पेंड कर दिया है और सीएसपी से 3 थानों का कामकाज वापस ले लिया है.
नेहा के खिलाफ जांच शुरू-
पूरे मामले की जांच एएसपी कमल मौर्य को सौंपी गई. लेकिन नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें तब और बढ़ गई, जब दूसरे मामलों में भी विभागीय जांच शुरू हो गई और दो मामलों की जांच एएसपी जबलपुर को सौंप दी गई हैं. नेहा पच्चीसिया एयर होस्टेस की नौकरी छोड़कर डीएसपी बनी हैं और अपनी कार्य प्रणाली के चलते चर्चाओं में रहती हैं.
ट्रांसपोर्ट कारोबारी ने की थी शिकायत-
कटनी के एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र जैन ने 22 जुलाई को एसपी अभिनय विश्वकर्मा को लिखित शिकायत की थी. जिस पर उन्होंने आरोप लगाया था कि वाहन चेकिंग के दौरान उनकी हाईवा गाड़ी को रोककर CSP नेहा पच्चीसिया ने 30 हजार रुपए की मांग की. शिकायत में आरोप है कि मौके पर 25 हजार रुपये नकद लिए गए, जबकि शेष 5 हजार रुपये अगले दिन चालक के माध्यम से दिए जाने की बात हुई है. शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन के साथ कुछ साक्ष्य भी सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की थी.
ड्राइवर तत्काल सस्पेंड-
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने प्रारंभिक जांच के बाद आरक्षक एवं चालक केशव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. साथ ही पूरे मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य को सौंप दी गई. साथ ही एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने नया कार्य विभाजन आदेश जारी करते हुए DSP नेहा पच्चीसिया के कार्यक्षेत्र से कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थाना हटाकर उनका प्रभार अजाक DSP शिवा पाठक को सौंप दिया गया.
मामले पर शिकायतकर्ता महेंद्र जैन का कहना है कि वह पेशे से ट्रांसपोर्टर हैं और उनके पास 5 गाड़ियां हैं, जो रेत व डोलोमाइट परिवहन में लगी हैं. लेकिन 21 जुलाई की रात जांच के नाम पर पहुंची CSP नेहा पच्चीसिया उनसे पैसों की मांग करने लगी और राशि नहीं देने पर वाहन को थाने में खड़ा कर कार्रवाई की बात कही गई. इसी के बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत कटनी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर दर्ज करवाई थी.
जांच अधिकारी का क्या कहना है?
वहीं मामले की जांच कर रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य ने बताया कि ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की शिकायत प्राप्त हुई है. शिकायतकर्ता महेंद्र जैन के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंपी जाएगी. उन्होंने यह भी पुष्टि किया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चालक को निलंबित किया गया है और DSP नेहा पच्चीसिया के कार्यक्षेत्र से कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थाना हटाकर अजाक DSP शिवा पाठक को सौंपा गया है.
हत्या से जुड़े मामले की भी जांच शुरू-
इसी बीच नेहा पच्चीसिया पर हत्या के एक प्रकरण में 90 दिन के बाद चालान पेश करने के चलते आरोपी को डिफॉल्ट बेल का मामला भी विभागीय जांच के दायरे में है. इस मामले में हत्यारोपित ने सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ न्यायालय में एक परिवाद भी पेश किया है. जिसमें उसने केस में लाभ दिलाने के एवज में उसकी जमीन को खुर्द बुर्द कर बेहद कम दामों पर बेचने का आरोप लगाया है. एक के बाद एक सामने आए मामले पुलिस के आला अधिकारियों की नजर में हैं. फिलहाल ट्रांसपोर्टर से वसूली और हत्या के मामले में मनमानी से जुड़ी दोनों जांच एडिशनल एसपी जबलपुर अनु बेनीवाल को सौंपी गई हैं. फिलहाल मामले की जांच जारी है. आरोपों में कितनी सच्चाई है और विभागीय जांच में क्या निष्कर्ष निकलता है, ये देखना बाकी है.
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