Advertisement

बिजली के तार से बचाई जान, पूरे ऑफिस में भर गया था धुआं, हम चिल्लाते रहे... आग में फंसे पीड़ितों ने क्या बताया?

लखनऊ के अलीगंज में एनिमेशन सेंटर में लगी आग में 15 लोगों की मौत हो गई है. अग्निकांड में बचने वालों ने आपबीती सुनाई. एक युवक ने बताया कि जब आग लगी तो सीनियर ने आकर बताया कि आग लगी है. सिस्टम बंद करो, बाहर निकलो. जब हम बाहर निकले तो पूरा ऑफिस धुआं से भर गया था. हमने बिजली के तार से लटक कर अपनी जान बचाई.

Lucknow Fire incident
आशीष श्रीवास्तव/अंकित मिश्रा
  • लखनऊ,
  • 22 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:42 PM IST

लखनऊ में अलीगंज इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में आग लग गई. जिसमें 15 छात्रों की मौत हो गई। हादसे में बचकर निकले लोगों ने आपबीती बताई. आग में फंसी एक महिला का अस्पताल  में इलाज चल रहा है. उस महिला ने बताया कि हमने सब जगह कॉल किया. किसी ने मदद नहीं की. इमारत से किसी तरह अपनी जान बचाने वालेो एक शख्स ने बताया कि बाहर निकले तो ऑफिस धुआं से भरा हुआ था. हम लोग सांस भी नहीं ले पा रहे थे. उन्होंने बताया कि उसमें कोई स्टूडेंट नहीं था. सबकुछ लोग काम कर रहे थे. अग्निकांड में जान बचाकर निकले लोगों ने आपबीती बताई. चलिए आपको बताते हैं कि किसने क्या कहा?

दिल्ली की रहने वाली महिला ने बताई आपबीती-
बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगी. इस हादसे में बचकर निकली एक महिला ने बताया कि वो दिल्ली की रहने वाली है और पिछले 5 महीने से इस कंपनी में काम कर रही थी. उस महिला ने बताया कि हमने सब जगह कॉल किया. लेकिन किसी ने मदद नहीं की. हम चिल्लाते रहे, लेकिन प्रशासन नहीं आया.

बिजली तार के सहारे जान बचाने वाले ने क्या बताया?
आग से खुद को बचाने वाले मोहम्मद आसिफ ने बताया कि सीनियर ने बताया कि आग लग गई है. सिस्टम बंद करो, बाहर निकलना है. जब हम बाहर निकले तो पूरा ऑफिस धुआं से भरा हुआ था. हम सांस भी नहीं ले पा रहे थे. कम से कम 20 लोग फंस हुए थे. उन्होंने बताया कि कोई भी स्टूडेंट्स नहीं था, सभी लोग काम कर रहे थे. उन्होंने बताया कि नीचे की मंजिल पर आग लगी थी. आसिफ ने बताया कि हम लोग बिजली का तार पकड़कर बाहर निकले और अपनी जान बचाई. उन्होंने बताया कि 10-15 लोग ही बच पाए हैं.

एक युवक की आपबीती-
जान बचाकर निकले एक युवक ने बताया कि हम  लोग  आर्टिस्ट  हैं.  सब  लोग  काम  करते  थे, एकदम से पता चला कि आग लगी है. 5-6 लोग ही बच पाए. सब अंदर ही फंस गए. करीब 25 लोग थे. हम लोग पाइप के सहारे निकल पाए.

मृतक की मां ने क्या बताया?
अग्निकांड में मृतक आदित्य श्रीवास्तव की मां ने कहा कि मैंने सब देखा, अगर उस समय काम करते तो बच्चे बच जाते. मेरा बेटा स्टूडियो में जॉब करता था. मैं वहां 2.20 बजे पहुँच गयी थी. किसी ने फोन नहीं उठाया. अगर थोड़ा ध्यान देते तो मेरा बेटा आज जिंदा होता. मेरी दुनिया उजड़ गई.

ये भी पढ़ें:

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement