उत्तर प्रदेश की लखनऊ के महानगर इलाके से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां 36 साल की बहू रंजना वर्मा ने अपने 21 साल के प्रेमी राजन शर्मा के साथ मिलकर अपनी 69 साल की सास निर्मला देवी की बेरहमी से हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, पहले सास के हाथ-पैर रस्सी से बांधे गए, फिर गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया गया. इसके बाद बहू ने ऐसा रोना-धोना मचाया, जैसे घर में कोई लूटपाट हुई हो और सास की हत्या कर दी गई हो. लेकिन जिस घर में बहू ने मातम का नाटक किया, उसी घर की दीवारों पर लगे कैमरों ने उसकी पूरी कहानी उधेड़ दी.
CCTV ने खोला मर्डर का राज-
पुलिस जांच में सबसे बड़ा सुराग घर का CCTV बना. वारदात के वक्त दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक घर के अंदर का कैमरा बंद मिला. पुलिस को यहीं से शक हुआ कि खेल बाहर वाले का नहीं, घर के भीतर वाले का है. बाहर लगे CCTV फुटेज में बहू रंजना अपने प्रेमी राजन शर्मा के साथ घर से निकलती दिखाई दी. बताया जा रहा है कि दोनों कुछ दूर जाकर मोबाइल से कैमरा दोबारा ऑन करते हैं, ताकि शक की सुई उन पर न जाए. लेकिन चालाकी ऐसी थी, जिसमें अपराध की बू इतनी तेज थी कि कैमरा बंद करने का ‘बटन’ ही कातिलों की गर्दन का फंदा बन गया.
अवैध संबंध के चलते बहू बनी कातिल-
पूछताछ में सामने आया कि रंजना और राजन के बीच पिछले चार साल से प्रेम संबंध थे. राजन उसी मकान की पहली मंजिल पर किराए पर रहता था, जहां नीचे रंजना अपने परिवार के साथ रहती थी. घरवालों को इस नाजायज रिश्ते की भनक लग चुकी थी और सास निर्मला देवी इसका खुलकर विरोध करती थीं. बेटी अंशिका ने भी पुलिस को बताया कि मां की राजन से 'बहुत बनती' थी, और इसी बात को लेकर घर में आए दिन झगड़े होते थे. दादी समझाती थीं, रोकती थीं, टोकती थीं… लेकिन बहू को यह बंदिश मंजूर नहीं थी. नतीजा- जिस सास ने घर संभाला, उसी को रास्ते से हटाने की साजिश रच दी गई.
बहू ने प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश-
शनिवार को जब पति त्रिदेश वर्मा नौकरी पर गया और 18 साल का बेटा आदित्य डिलीवरी पर निकला, तब घर में सिर्फ रंजना, उसकी डेढ़ साल की बेटी सांवी और सास निर्मला मौजूद थीं. बड़ी बेटी अंशिका उन्नाव में मामा के घर गई हुई थी. इसी मौके का फायदा उठाकर पहले घर के अंदर का CCTV बंद किया गया, फिर सास को काबू में लेकर हाथ-पैर बांधे गए और गला दबा दिया गया. हत्या के बाद दोनों कार से बाहर निकल गए, लेकिन किस्मत ने ऐसा पलटा मारा कि जब बेटा घर लौटा और दादी की लाश देख चीख पड़ा, तो मां को फोन लगा बैठा. अब अगर बहू घर नहीं लौटती, तो शक गहरा जाता. घबराई रंजना अपने प्रेमी के साथ वापस लौटी और फिर शुरू हुआ ‘मासूम बहू’ का ड्रामा.
मौके पर पहुंची पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड ने पूरे मामले का रुख ही बदल दिया. पुलिस के मुताबिक, स्निफर डॉग सूंघते-सूंघते सीधे प्रेमी राजन शर्मा के पास जाकर रुक गया. यह देख आसपास खड़े लोग भी सन्न रह गए. राजन की घबराहट ने शक को और गहरा कर दिया. पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पहले प्रेमी टूटा, फिर बहू का झूठ भी बिखर गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राजन ने कबूल किया कि वह और रंजना मिलकर सास को हटाना चाहते थे, क्योंकि वही उनके रिश्ते की सबसे बड़ी दीवार बन चुकी थीं. इश्क अंधा था… लेकिन कानून की आंखें खुली थीं.
निर्मला देवी निशातगंज गली नंबर-3 में अपने बेटे त्रिदेश, बहू रंजना, पोते आदित्य, पोती अंशिका और डेढ़ साल की सांवी के साथ रहती थीं. पति राजाराम वर्मा सचिवालय से रिटायर्ड थे, जिनकी दो साल पहले मौत हो चुकी है. परिवार का यह घर अब मातम, विश्वासघात और खून से सने रिश्तों की मिसाल बन गया है. पुलिस ने मृतका के बेटे की तहरीर पर बहू रंजना वर्मा और उसके प्रेमी राजन शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है.
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