पहले पिता की अर्थी को दिया कंधा फिर दूल्हा बनकर ले गया बारात

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसी घटना घटी, जिसने हर किसी को गमगीन कर दिया. जिस दिन युवक की बारात जानी थी, उसी दिन पिता की मौत हो गई. बेटे ने पहले पिता का अंतिम संस्कार किया, उसके बाद बारात लेकर गया. गमगीन माहौल में शादी की रस्मों को पूरा किया गया.

Lucknow News
gnttv.com
  • लखनऊ,
  • 07 मई 2026,
  • अपडेटेड 4:32 PM IST

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में एक परिवार की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब बेटे की बारात निकलने से कुछ घंटे पहले ही पिता की मौत हो गई. बेटे ने पहले पिता को मुखाग्नि दी और फिर उनका सपना पूरा करने के लिए दूल्हा बनकर सादगी से बारात लेकर रवाना हुआ. घटना ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया.

बारात वाले दिन पिता की मौत-
मोहनलालगंज के निगोहां गांव निवासी किसान भाईलाल अपने बेटे रिंकू कश्यप की शादी को लेकर बेहद उत्साहित थे. घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं. रिश्तेदारों और मेहमानों की आवाजाही से घर में रौनक थी. पिता ने बेटे की शादी को यादगार बनाने के लिए खास इंतजाम किए थे. सोमवार को अचानक भाई लाल की तबीयत बिगड़ गई. परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनकी हालत गंभीर बनी रही. मंगलवार सुबह, जिस दिन बेटे की बारात जानी थी, उसी दिन भाई लाल ने दम तोड़ दिया.

पहले अंतिम संस्कार, फिर लेकर गया बारात-
पिता की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. जिस घर में शहनाइयां बजनी थीं, वहां मातम छा गया. बेटे रिंकू के सामने एक तरफ पिता को अंतिम विदाई देने की जिम्मेदारी थी, तो दूसरी तरफ पिता के सपने को पूरा करने का सवाल.

मंगलवार शाम को रिंकू ने नम आंखों से अपने पिता को मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार के बाद परिवार और गांव के बुजुर्गों ने निर्णय लिया कि शादी की रस्में सादगी के साथ पूरी कराई जाएंगी.

गमगीन माहौल में बहू का गृह प्रवेश-
इसके बाद रिंकू रात करीब 8 बजे चंद बारातियों के साथ बिना बैंड-बाजे और डीजे के रायबरेली के बंका गढ़ के लिए रवाना हुआ. लड़की पक्ष को घटना की जानकारी मिली तो वहां भी माहौल गमगीन हो गया. दोनों परिवारों ने सादगी और खामोशी के बीच विवाह की रस्में पूरी कराईं. बुधवार सुबह रिंकू अपनी दुल्हन को लेकर घर पहुंचा. नई बहू का गृह प्रवेश तो हुआ, लेकिन पूरे घर में पिता की कमी साफ महसूस हो रही थी. यह घटना पिता-पुत्र के रिश्ते की भावुक मिसाल बन गई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं.

(अंकित मिश्रा की रिपोर्ट)

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