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Beed News: ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही! सिजेरियन के बाद महिला के पेट में छोड़े दस्ताने और टिशू पेपर, मां लड़ रही जिंदगी की जंग

महाराष्ट्र के बीड जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां डिलीवरी के लिए आई एक 19 वर्षीय महिला के सीजर ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने उसके पेट में ग्लव्स और नैपकीन छोड़ दिए. महिला के पति ने जिम्मेदार डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. 

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रोहिदास हातागले
  • बीड ,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:38 AM IST

एक तरफ बच्चे के जन्म की खुशी, तो दूसरी तरफ अस्पताल की कथित घोर लापरवाही के कारण एक मां मौत से जंग लड़ रही है. महाराष्ट्र के बीड जिला अस्पताल से स्वास्थ्य तंत्र को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां डिलीवरी के लिए आई एक 19 वर्षीय महिला के सीजर ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने उनके पेट में ग्लव्स (हाथ के दस्ताने) और नैपकीन (कागजी रुमाल) छोड़ दिए. महिला के परिजनों ने मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है.  

पेट में होने लगा असहनीय दर्द 
जानकारी के मुताबिक, 19 वर्षीय संध्या सूरज गायकवाड बीड के जिला अस्पताल में आई थी. यहां उनका सीजर से ऑपरेशन हुआ और चार दिनों बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. घर जाने के कुछ दिनों बाद से ही संध्या के पेट में असहनीय दर्द होने लगा. तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें पास के एक निजी अस्पताल में ले गए. वहां डॉक्टरों ने जांच में पाया कि उनके पेट में कोई अज्ञात चीज है. महिला की हालत को देखते हुए उन्हें फौरन पुणे से ससून अस्पताल शिफ्ट किया गया. परिजनों ने दावा किया कि ससून अस्पताल में जब दूसरी सर्जरी की गई तो संध्या के पेट से ग्लव्स और नैपकीन निकाले गए. फिलहाल संध्या गायकवाड की हालत गंभीर है. उनका उचित इलाज किया जा रहा है. 

कारण बताओ नोटिस जारी 
परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है. संध्या के पति सूरज गायकवाड का कहना है कि उनकी पत्नी की यह हालत डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई. उन्होंने जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. पीड़िता की मां ने भी मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है. बीड जिला अस्पताल के डॉ. सतीश कुमार सोलंके ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित महिला डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. ग्लव्स और नैपकीन निकाले जाने के बाद भी फिलहाल महिला की हालत गंभीर है. 

 

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