मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी करार दिए गए मुस्कान रस्तोगी और साहिल की सजा पर आज यानी 14 अक्टूबर को फैसला होना है. सजा के ऐलान से पहले दोनों की बेचैनी बढ़ गई है. जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, दोनों ने मंगलवार शाम को खाना कम खाया और बुधवार सुबह नाश्ता भी लिया, लेकिन खाया नहींय दोनों रातभर ठीक से सो भी नहीं सके. बुधवार को दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया.
सजा से पहले बेचैन दिखी मुस्कान-
जेल अधीक्षक ने बताया कि दोषी सिद्ध होने के बाद से ही दोनों परेशान हैं. उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. जरूरत पड़ने पर दोनों की काउंसलिंग भी कराई जाएगी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी के दौरान न्यायाधीश ने साहिल से पूछा कि क्या उसने पहले भी कोई अपराध किया है. साहिल ने इससे इनकार किया. इसके बाद जब उससे पूछा गया कि वह सजा के संबंध में कुछ कहना चाहता है या नहीं, तो उसने कुछ भी कहने से मना कर दिया. मुस्कान और साहिल दोनों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात की गई. उन्हें बताया गया कि सजा सुनाए जाने के समय दोबारा पेश किया जाएगा.
पूजा-पाठ में समय बीता रही मुस्कान-
जेल अधीक्षक के अनुसार, मुस्कान का व्यवहार भी पहले के मुकाबले बदल गया है. वह पहले अन्य महिला बंदियों के साथ सामान्य तरीके से बातचीत करती थी, लेकिन अब बातचीत करने से बच रही है और एकांत में रहना पसंद कर रही है. वह अपना अधिकांश समय पूजा-पाठ में बिता रही है. महिला बैरक में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, इसलिए जेल स्टाफ के माध्यम से उस पर निगरानी रखी जा रही है. साहिल की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है.
बेटी से मिलना चाहती है मुस्कान-
जेल अधीक्षक ने बताया कि मुस्कान ने अपनी छह से सात साल की बेटी के बाहर होने की बात कही थी. वह बेटी से मिलना चाहती है और इसके लिए बेचैन है. हालांकि, अब तक उससे मिलने के लिए कोई नहीं आया है. मुस्कान को बताया गया है कि यदि वह बेटी या किसी अन्य व्यक्ति को पत्र लिखना चाहती है, तो उसे इसकी अनुमति दी जा सकती है. जेल प्रशासन की प्रक्रिया के तहत उसे कागज और कलम उपलब्ध कराए जाएंगे. पत्र की सुरक्षा जांच के बाद उसे बताए गए पते पर भेजा जाएगा.
सजा सुनाए जाने के बाद बदलेगी व्यवस्था-
जेल अधीक्षक के मुताबिक, दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों की जेल में रहने की व्यवस्था और नियमों में बदलाव होगा. उन्हें जेल के निर्धारित कपड़े पहनने होंगे और जेल मैनुअल के अनुसार काम भी करना पड़ सकता है. जरूरत और उपलब्धता के आधार पर पुरुष बंदी को दूसरी जेल में स्थानांतरित किया जा सकता है, जबकि महिला बंदी को निर्धारित नियमों के तहत महिला जेल में भेजा जा सकता है. उन्होंने बताया कि जेल मैनुअल के तहत मुस्कान और साहिल की मुलाकात संभव नहीं है. हालांकि, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दोनों के एक ही कमरे में होने की स्थिति में आमना-सामना होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
गौरतलब है कि सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल को अदालत पहले ही दोषी करार दे चुकी है. अब अदालत को दोनों की सजा पर फैसला सुनाना है.
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