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मेरठ में कारोबारी के घर 70 साल की मालकिन को चाय में नींद की गोलियां दीं, लाखों की ज्वेलरी लेकर भागी नौकरानी, प्रेमी संग कानपुर से गिरफ्तार

रोशनी मेरठ के स्पोर्ट्स कारोबारी आशुतोष भल्ला के घर करीब डेढ़ साल से मेड का काम कर रही थी. घर के लोगों के बीच उसकी आवाजाही थी और उसे घर की व्यवस्था की जानकारी भी थी. इसी दौरान सोशल मीडिया के जरिए उसकी मुलाकात कानपुर के रहने वाले नीरज यादव से हुई. धीरे-धीरे दोनों करीब आए और प्रेम संबंध बन गए.

प्रेम प्रसंग में रचा गया साजिश का जाल
gnttv.com
  • मेरठ,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:42 AM IST
  • चाय में नींद की गोलियां मिलाकर किया बेहोश
  • दो घंटे तक बाहर नहीं आईं, तब हुआ शक

मेरठ की डिफेंस कॉलोनी में एक कारोबारी के घर चोरी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें शक की सुई घर में काम करने वाली नौकरानी पर ही घूम गई. आरोप है कि पश्चिम बंगाल की रहने वाली रोशनी ने कारोबारी की 70 साल की मां रेखा भल्ला को चाय में नींद की गोलियां देकर बेहोश कर दिया. इसके बाद वह तिजोरी से कैश और सोने-हीरे के गहने लेकर फरार हो गई. पुलिस के मुताबिक, इस वारदात की साजिश उसने अपने प्रेमी नीरज यादव के साथ मिलकर रची थी. दोनों को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अब चोरी के सामान की बरामदगी में जुटी है.

डेढ़ साल से घर में काम कर रही थी रोशनी
रोशनी मेरठ के स्पोर्ट्स कारोबारी आशुतोष भल्ला के घर करीब डेढ़ साल से मेड का काम कर रही थी. घर के लोगों के बीच उसकी आवाजाही थी और उसे घर की व्यवस्था की जानकारी भी थी. इसी दौरान सोशल मीडिया के जरिए उसकी मुलाकात कानपुर के रहने वाले नीरज यादव से हुई. धीरे-धीरे दोनों करीब आए और प्रेम संबंध बन गए.

पुलिस के मुताबिक, दोनों ने साथ रहने के लिए पैसों का इंतजाम करने की योजना बनाई. इसके बाद कारोबारी के घर को निशाना बनाने का फैसला किया गया. आरोप है कि नीरज ने चोरी की योजना तैयार की और रोशनी ने घर के भीतर रहकर उसे अंजाम दिया.

चाय में नींद की गोलियां मिलाकर किया बेहोश
घटना सोमवार दोपहर की है. उस समय कारोबारी की 70 वर्षीय मां रेखा भल्ला और घर में दो बच्चे मौजूद थे. आरोप है कि रोशनी ने रेखा भल्ला को चाय में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं. चाय पीने के बाद वह बेहोश हो गईं.

इसके बाद रोशनी ने तिजोरी की चाबी ली और उसमें रखी नकदी, सोने और हीरे की ज्वेलरी समेट ली. वारदात के बाद वह घर के पिछले दरवाजे से निकल गई. पुलिस के अनुसार, वह बेगमब्रिज पहुंची और वहां से बस के जरिए आगरा होते हुए कानपुर चली गई.

दो घंटे तक बाहर नहीं आईं, तब हुआ शक
करीब दो घंटे तक रेखा भल्ला बाहर नहीं आईं, तो परिवार के लोगों को चिंता हुई. अंदर जाकर देखा गया तो वह बेहोशी की हालत में पड़ी थीं. तिजोरी खुली हुई थी और कीमती सामान गायब था. इसके बाद उन्हें जसवंत राय अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की. आरोपियों तक पहुंचने के लिए चार टीमें बनाई गईं. पुलिस ने सर्विलांस और दूसरे साक्ष्यों की मदद से रोशनी और नीरज की तलाश की.

कानपुर में पकड़े गए दोनों आरोपी
पुलिस ने आखिरकार दोनों को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया. शुरुआती जांच के मुताबिक, वारदात के बाद दोनों ने अलग-अलग रास्तों से भागने की कोशिश की थी, ताकि उन पर शक न हो. हालांकि, पुलिस की जांच में दोनों तक पहुंचने का रास्ता मिल गया. अब पुलिस चोरी किए गए कैश और गहनों की बरामदगी के प्रयास कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी का सामान कहीं बेचा गया है या किसी के पास छिपाकर रखा गया है.

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