उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक प्रेमी जोड़ा पहले कैफे चलाता था. लेकिन जब कारोबार में नुकसान हुआ तो इस कपल ने अपराध का रास्ता चुन लिया. ये कपल चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा. अब प्रेमी जोड़े समेत 3 लोग पुलिस की गिरफ्त में हैं.
प्रेमी युगल समेत 3 गिरफ्तार-
कैफे के कारोबार में नुकसान होने के बाद चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक प्रेमी जोड़े समेत तीन आरोपियों को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है. थाना सेक्टर-113 पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की ज्वेलरी, 3.5 लाख रुपये नकद, पांच लैपटॉप, दो टैबलेट, छह मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक अर्टिगा कार बरामद की है. कार पर कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी.
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान कैलाश उर्फ दिवाकर, इरफान उर्फ इमरान और सोनाली के रूप में हुई है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को सेक्टर-123 स्थित श्मशान घाट के पास से गिरफ्तार किया.
बंद पड़े घरों को बनाते थे निशाना-
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अर्टिगा कार में सवार होकर शहर के हाईराइज सोसाइटी और अन्य इलाकों में मकानों की रेकी करते थे. इसके बाद बंद पड़े घरों को निशाना बनाकर ज्वेलरी, नकदी, लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे. फिर चोरी किए गए सामान और नकदी को तीनों आरोपी आपस में बांट लेते थे.
लिव-इन रिलेशन में रहते थे दो चोर-
पुलिस जांच में सामने आया कि दिवाकर और सोनाली प्रेमी-प्रेमिका हैं और लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं. पुलिस के अनुसार, सोनाली गैंग को लीड करने और रेकी के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी, जबकि दिवाकर और उनका साथी इरफान चोरी की वारदातों को अंजाम देने में शामिल थे.
कैफे कारोबार में नुकसान ने बनाया चोर-
पुलिस के अनुसार, प्रेमी जोड़े ने पहले गाजियाबाद और बाद में नोएडा में कैफे का कारोबार किया था. कैफे के बिजनेस में नुकसान होने के बाद दोनों आर्थिक संकट में आ गए और इसके बाद चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगे. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दिन के समय चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे और रात में रेस्तरां और बार में पार्टी करते थे.
लैपटॉप, टैबलेट, फोन, कैश बरामद-
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की ज्वेलरी के अलावा पांच लैपटॉप, दो टैबलेट, छह मोबाइल फोन और 3.5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. इसके अलावा चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल की जाने वाली अर्टिगा कार को भी कब्जे में लिया गया है. फिलहाल अब थाना सेक्टर-113 पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनसे जुड़े अन्य चोरी के मामलों की जांच कर रही है.
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